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प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ओर पूर्व सीएम हरीश रावत के साथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राजधानी दूंन के असप्तालों में जस्टिस फ़ॉर स्वाति ध्यानी अभियान के तहत मौन रखा

प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ओर पूर्व सीएम हरीश रावत के साथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राजधानी दूंन के असप्तालों में जस्टिस फ़ॉर स्वाति ध्यानी अभियान के तहत मौन रखा

देहरादून
प्रदेश  कांग्रेस के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने प्रदेश के जिला/महानगर  कांग्रेस के अध्यक्षों से राज्य की बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं के खिलाफ जस्टिस फाॅर स्वाति ध्यानी के नाम पर चल रहे अभियान के तहत उनकी याद में जिला मुख्यालयों के नजदीकी अस्पतालों में दीये जलाते हुए 2 मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्वांजलि अर्पित करने का आह्वान किया गया थां।

इस मौके पर प्रीतम सिंह ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने दिनांक 9 जुलाई को प्रदेश के अनुषांगिक संगठनों एवं प्रकोष्ठों की बैठक में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष किशोर उपाध्याय के प्रस्ताव पर उक्त कार्यक्रम को सभी जिला मुख्यालयों में आयोजित करने का निर्णय लिया गया था। इसी कार्यक्रम के तहत प्रदेश कांगेस कमेटी के अध्यक्ष प्रीतम सिहं के नेतृत्व में आज देहरादून के ’’गांधी शताब्दी अस्पताल’’ के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ दीये जलाकर 2 मिनट का मौन रखकर उन्हें याद करते हुए श्रद्वांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर प्रदेश कांगे्रस कमेटी के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने प्रदेश की बदहाल स्वास्थ्य सेवाआंे के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि कोरोना काल में भी राज्य सरकार प्रदेश के अस्पतालों को मूलभूत सुविधायें नही दे पाई। जिससे पहाड़ व मैदानी क्षेत्रों में लगातार जनता को असुविधा का सामना करना पड़ा रहा है। उन्होंने स्वाति ध्यानी का उदाहरण देते हुए कहा कि यदि समय पर स्वाति ध्यानी को उपचार की सुविधा मिलती तो उनकी जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने कहा कि ऐसी शिकायतें राज्य के अन्य कई क्षे़त्रों से भी लगातार आती रहती हैं फिर भी सरकार द्वारा समय पर कोई भी कदम नही उठाये जा रहे हंै। उन्होेंने कहा कि राज्य सरकार कोरोना महामारी जैसी गंभीर बीमारी को काबू करने में भी पूरी तरफ से असफल सावित हुई है।
प्रीतम सिंह ने कहा कि बरसात के कारण डेंगू जैसी भयानक बीमारी के लिए भी राज्य सरकार द्वारा अभी तक कोई भी ठोस कदम नही उठाये गये है। उन्होने कहा कि संसाधनों के अभाव के बावजूद भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कोरोना महामारी में जनता के साथ एक प्रहरी की तरह खड़ा होने का काम किया है उसके लिए सभी साथीे बधाई के पात्र हैं।
इस अवसर पर महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष लालचन्द शर्मा,राजकुमार पार्षद नीनू सहगल, डाॅ0 विजेन्द्रपाल, देविका रानी, मीना बिष्ट, सविता सोनकर, निखिल कुमार, मुकेश सोनकर, टीटू त्यागी, रीता रानी, दीपा चैहान, सुनील बाॅगा, रोबिन त्यागी,राजेन्द्र खन्ना जाहाॅगीर खान, उदय मल, मोहित मेहाता, उषारानी, कृष्णकान्त, कुलदीप कोहली, नागेश रतूडी, मनीष शर्मा, राजव सरीन, देवेन्द्र कौर, संगीता, मीना, अनिता शशि, रिन्की, सुनीता, उषा, मंयक, अमर, गायत्री चौहान, ममता बसनेत, पूजा जेटली, रिवन्द सिह रावत, अधिराज, अजेन्द्र, धीरज, देवेन्द्र सिंह, नीरज नेगी, राहुल पंवार रोबिन, लक्की, संदीप चमोली, हिमांशु रावत, विकास नेगी आदि उपस्थित थे।

दूसरी ओर कॉर्नेशन हॉस्पिटल में
स्वाति ध्यानी को पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने दीन दयाल अस्पताल पहुँच मोमबत्ती जला कर कांग्रेस नेताओं के साथ दी अपनी श्रधांजलि और प्रदेश की स्वस्थ सेवाओं की बदतर हालात गंभीर चिंता प्रकट करते हुवे कहा की 108 सेवा को भी लचर स्वास्थ्य सेवाओं के चलते मौत की गर्त में समाने वाली स्वाति ध्यानी को इंसाफ दिलाने के लिए जहां पौड़ी गढ़वाल में ई जनांदोलन शुरु हो गया है वहीं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी उत्तराखंड की बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए आज अस्पताल के सामने मोमबत्ती जलाई । पूर्व सीएम हरीश रावत ने समर्थकों के साथ आज देहरादून के कोरोनेशन अस्पताल पहुंचकर स्वाति ध्यानी को श्रद्धांजलि दी । साथ ही बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सिस्टम पर भी तंज कसा।उन्होंने कहा कि सरकार व सिस्टम की लापरवाही ने एसी कई महिलाओं की जान ली है
गौरतलब है कि ग्राम वयेला तल्ला रिखणीखाल(पौड़ी) निवासी स्वाति ध्यानी पत्नी राजेंद्र ध्यानी को प्रसव पीड़ा होने पर 28 जून रात 12 बजे के आस- पास रिखणीखाल स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया जहां डाक्टरों ने बताया कि अभी हल्का दर्द है।ऐसे में पूरी रात बीत गई । अगले दिन दोपहर एक बजे के लगभग स्वाति ध्यानी को डिलीवरी के लिए लेबर रूम में ले जाया गया जहां तीन बजे के लगभग डिलीवरी हुई स्वाति ध्यानी ने मृत बच्चे को जन्म दिया।
हालांकि अस्पताल के डॉक्टर स्वाति की कंडीशन को नॉर्मल बताते रहे। इसी बीच पांच बजे के आसपास डाक्टरों ने स्वाति को हायर सेंटर रैफर कर दिया। कोटद्वार अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने बताया कि अत्यधिक रक्तस्त्राव होने पर प्रसूता भी मर चुकी है। स्वाति के परिजनों का आरोप है कि पीएचसी रिखणीखाल में उसे न तो अच्छा इलाज मिला और न समय पर रेफर किया गया। पर्वतीय जिलों में लचर स्वास्थ्य सुविधाओं और रक्त की कमा का ये कोई पहला मामला नहीं है। यहां ये स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली का एक नमूना भर है। ऐसे में आज पूर्व सीएम हरदा उत्तराखंड की इस बेटी को श्रद्धांजलि जरूर दे रहे हैं लेकिन ये भी सच है कि इसी प्रदेश पर उन्होंने भी सत्ता का सुख भोगा ।सरकार किसी की भी रही हो लेकिन स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली इस पहाड़ी प्रदेश की सबसे बडी बदकिस्मती रही है ।सरकार चला नही पा राही है। उनके साथ प्रभुलाल बहुगुणा ,महावीर रावत ,आशा मनोरमा डोबरियाल शर्मा ,सुशील राठी ,कमलेश रमन ,मनीष नागपाल गुल मोहम्मद ,अभिषेक भंडारी,अनुराधा तिवारी ,मोहन काला ,महेश जोशी ,असलम भाई

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