Home / Featured / कांग्रेस की वीर ग्राम प्रणाम यात्रा राजनेतिक स्टंट,पीएम पर सर्जिकल स्ट्राइक पर उंगली उठाकर किया सेना का अपमान…सुरेश जोशी
कांग्रेस की वीर ग्राम प्रणाम यात्रा राजनेतिक स्टंट,पीएम पर सर्जिकल स्ट्राइक पर उंगली उठाकर किया सेना का अपमान…सुरेश जोशी

कांग्रेस की वीर ग्राम प्रणाम यात्रा राजनेतिक स्टंट,पीएम पर सर्जिकल स्ट्राइक पर उंगली उठाकर किया सेना का अपमान…सुरेश जोशी

देहरादून

“कॉंग्रेस की वीर ग्राम प्रणाम यात्रा, राजनैतिक स्टंट से अधिक कुछ नहीं है” भाजपा की तरफ से अधिकारिक बयान जारी करते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेता सुरेश जोशी ने कहा कि समय-समय पर सुविधावादी हिन्दू बनने वाली कॉंग्रेस आगामी विधानसभा चुनावों में अपनी स्पष्ट नज़र आती हार को देखते हुए अब सैनिक प्रेमी होने का ढोंग रच रही है।

उत्तराखंड की महान और राष्ट्र भक्त जनता राहुल गांधी और उनकी पार्टी की चुनावी सैन्य प्रेम के झांसे में नहीं आने वाली। लोगों के जेहन में आज भी शीशे की तरह साफ है किस तरह कॉंग्रेस नेता हमेशा भारतीय सेना का हौसला और देश का स्वाभिमान चकनाचूर करने की कोशिशें करते आए हैं।

अधिक दिन नहीं हुए जब समूचे उत्तराखंड वासियों ने बड़ी बेशर्मी से पूर्व सीएम हरीश रावत को पाक के लिए बैटिंग करने वाले सिद्धू के उस बयान का समर्थन करते देखा था जिसमें सिद्धू ने पाकिस्तान के जनरल बाजवा को प्रा यानि भाई बताया था जिसके हाथ हमारे सैनिकों के खून से रंगे हैं, फरवरी 2017 में पुलवामा हमले में शहीदों के लिए रुड़की में आयोजित श्रद्धांजली कार्यक्रम में इनके ही सपुत्र वीरेंद्र रावत पर नोट उड़ाते, जश्न मनाने कोंग्रेसियों के दृश्य भी कैमरे पर कैद हुए थे।आज उत्तराखंड और देश की शान दिवंगत जनरल विपिन रावत और जनरल वीसी जोशी के घरों से यात्रा निकालने वाले इन तमाम कोंग्रेसी नेताओं ने क्या कभी वीर सैनिकों के अपमान वाली अपनी पार्टी नेताओं की परंपरा की सार्वजनिक आलोचना की है।

इनके वरिष्ठ नेताओं को कश्मीरी पत्थरबाज मासूम और आतंकवादियों से लोहा लेने वाली सेना के जनरल दिवंगत
CDS जनरल रावत सड़क का गुंडा लगते है, इनके छोटे बड़े तमाम नेताओं सीएम, सुपर पीएम लगभग सभी ने सर्जिकल एवं एयर स्ट्राइक पर उंगली उठाकर भारतीय सेना के शौर्य को चोट पहुंचाने का दुस्साहस किया, पीएम मोदी जब चीन से लगी सरहद पर खून जमाने वाली ठंड में निगेहबानी करने वाले जाबाजों का हौसला बढ़ा रहे थे तो इनके शीर्ष नेता राहुल चीनी राजनायिकों के साथ गुपचुप मीटिंग कर रहे थे।

सेना विरोधी सोच ऐसी कि सत्ता में रहते विगत चार पाँच दशकों में कभी देश और सैनिकों की सुरक्षा के लिए अत्याधुनिक हथियार नहीं खरीदे और अब भी उनके आलाकमान राहुल गांधी के, “लड़ाई हथियारों से नहीं जीती जाती” वाले बयानों से उनकी जाबांज सैनिकों के जीवन के प्रति सुरक्षा विरोधी सोच स्पष्ट जाहिर होती है। भाजपा को विश्वास है कि चुनाव देखकर सैन्य प्रेम की उनकी सुविधावादी राजनीति कभी सफल नहीं होने वाली और देवभूमि की राष्ट्रभक्त जनता कॉंग्रेस को एक बार पुनः सबक सिखाएगी।

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