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ऑनलाइन पढ़ाई के लिए छात्रों को बाटे स्मार्टफोन ओर सभी सांसद विधायकों को भी बांटने को दी हिदायत

ऑनलाइन पढ़ाई के लिए छात्रों को बाटे स्मार्टफोन ओर सभी सांसद विधायकों को भी बांटने को दी हिदायत

देहरादून
राज्यपाल श्रीमती बेबी रानी मौर्य ने प्रत्येक जनपद में एक अनुसूचित जाति बाहुल्य ग्राम को माॅडल ग्राम बनाने के अपने संकल्प का आज देहरादून के झाझरा ग्राम से प्रारंभ किया। 26 अगस्त को ही राज्यपाल श्रीमती मौर्य ने उत्तराखण्ड की राज्यपाल के रूप में अपने दो वर्ष पूर्ण किये हैं।
राज्यपाल श्रीमती बेबी रानी मौर्य द्वारा सहसपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत झाझरा का भ्रमण करते हुए राष्ट्रीय आजीविका मिशन के अंतर्गत निर्मित ग्राम संगठन के भवन तथा झाझरा जूनियर हाई स्कूल में स्मार्ट क्लास का लोकार्पण किया गया। राज्यपाल ने ग्राम पंचायत भवन में ही महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्यों के साथ ही उनके द्वारा बनाया गया भोजन ग्रहण किया। राज्यपाल श्रीमती मौर्य ने गाँव के 35 बच्चों को सी.एस.आर के माध्यम से स्मार्टफोन वितरित किये। उन्होंने राज्य के सभी सांसदों और विधायकों से अपील भी की है कि आॅनलाइन शिक्षा की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए गरीब बच्चों को स्मार्टफोन या टैब उपलब्ध कराने हेतु प्रयास करें।
राज्यपाल श्रीमती मौर्य ने कहा कि ग्राम पंचायत झाझरा के अंतर्गत संचालित सभी छह आंगनवाड़ी केंद्रों को मॉडल आंगनवाड़ी केंद्र बनाया जाएगा। इन आंगनवाड़ी केंद्रों में पंजीकृत 38 बच्चों को प्री स्कूल किट (बाल पोटली) वितरित की गई। राज्यपाल ने बाल पोटली में आदर्श दिनचर्या से संबंधित एक चित्रों वाली पुस्तक भी सम्मिलित करने के निर्देश दिये। इस ग्राम पंचायत की 44 गर्भवती महिलाओं को आयरन की गोलियाँ वितरित की गई। राज्यपाल श्रीमती मौर्य ने निर्देश दिये कि ग्राम की हर गर्भवती महिला को प्रतिमाह निर्धारित आयरन गोलियाँ उपलब्ध कराई जायें। ग्राम पंचायत की किशोरी व बालिकाओं को भी सेनेटरी नैपकिन और आयरन की टेबलेट वितरित की गई। स्मार्ट क्लास के लोकार्पण के दौरान राज्यपाल ने स्मार्ट क्लास के अंतर्गत ऑनलाइन पढ़ाई को सहायक टीचिंग के तौर पर लेने और पहली प्राथमिकता किताबी अध्ययन को देने के निर्देश दिए। साथ ही स्मार्ट क्लास के ऑनलाइन कंटेंट को हिंदी में भी कन्वर्ट करने को कहा जिससे बच्चों को समझने में और भी आसानी हो जाए।
उन्होंने कहा की स्मार्ट क्लास के कांसेप्ट को छोटी कक्षाओं के बच्चों के लिए भी लागू किया जाए क्योंकि छोटी कक्षाओं के बच्चे चित्रों के माध्यम से अच्छे तरीके से सीखते हैं। राज्यपाल श्रीमती मौर्य द्वारा स्कूल परिसर में पौधारोपण भी किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्मित कॉलोनी का भी निरीक्षण किया गया तथा वहाँ के निवासियों से बातचीत भी की। एएनएम सेंटर मातृत्व एवं शिशु कल्याण केंद्र का भी निरीक्षण किया गया। इसके अतिरिक्त राज्यपाल श्रीमती मौर्य द्वारा स्वयं सहायता समूह द्वारा उत्पादित किया गया लेमनग्रास और आजीविका परियोजना के अंतर्गत बनाए गए तालाब का भी अवलोकन किया गया। उन्होंने नवनिर्मित तालाब में रोजगार के उद्देश्य से मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के भी निर्देश दिए। अवलोकन के दौरान राज्यपाल श्रीमती मौर्य ने जिलाधिकारी देहरादून डॉ आशीष कुमार श्रीवास्तव, मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती नितिका खंडेलवाल और जनपद की उनकी टीम द्वारा स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ते हुए आत्मनिर्भर बनाने के लिए किये जा रहे प्रयासों की सराहना भी की। उन्होंने महिलाओं द्वारा किए जा रहे स्वरोजगार की गतिविधियों की जानकारी लेते हुए आगे भी सभी अधिकारियों को स्वयं सहायता समूह को हर प्रकार के सहयोग देने के निर्देश दिए।
भ्रमण के दौरान विधायक सहसपुर सहदेव पुंडीर, सचिव राज्यपाल बृजेश कुमार संत, जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव, अपर सचिव आयुक्त ग्राम्य विकास डॉ रामविलास यादव, मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती नितिका खंडेलवाल, परियोजना निदेशक डीआरडीए विक्रम सिंह, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी एनआरएलएम प्रदीप पांडे, मुख्य शिक्षा अधिकारी श्रीमती आशा पैन्यूली, कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास डॉ अखिलेश मिश्रा, ग्राम प्रधान ग्राम पंचायत झाझरा पिंकी देवी, सीडीपीओ देवेंद्र थपलियाल सहित संबंधित अधिकारी और कार्मिक उपस्थित थे।

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