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अतिथि देवो भव भाव से विभोर संगतें वापस रवाना,झंडा मेला सम्पन्न…महंत देवेन्द्र दास महाराज

अतिथि देवो भव भाव से विभोर संगतें वापस रवाना,झंडा मेला सम्पन्न…महंत देवेन्द्र दास महाराज

देहरादुन

 

कोविड की आहट के बीच जयकारों ओर संगतों के वापस लोटने की परंपरा और पूरे रीति रिवाज के बीच सम्पन्न हो गया। प्रशासन और पुलिस ने भी चैन की सांस ली।मेला सकुशल सम्पन्न होने पर महंत देवेंद्र दास महाराज ने क्षेत्र के लोगो के साथ प्रदेश व देश के लोगो को इस अवसर पर आशीर्वाद एवम शुभकामनाओँ के साथ कोविड के बीच सकुशल सम्पन्न होने पर सहयोग के लिए शुक्रिया भी भेजा है।

 

श्री दरबार साहिब, देहरादून के सज्जादानशीन श्रीमहंत देवेन्द्र दास महाराज की अगुआई में रविवार को ऐतिहासिक नगर परिक्रमा निकली। जहां-जहां से नगर परिक्रमा निकली दूनवासियों ने तहेदिल से संगतों का स्वागत किया। नगर परिक्रमा के दौरान रास्ते भर दूनवासी गुरु राम राय महाराज के जयकारे लगाते रहे। श्री गुरु राम राय जी महाराज के जन्मदिवस (श्री झण्डे जी आरोहण के तीसरे दिन) के तीसरे दिन आयोजित होने वाली एतिहासिक नगर परिक्रमा का स्वागत करने के लिए दूनवासी साल भर इंतजार करते हैं। नगर परिक्रमा के रूट पर हर जगह संगत का ज़ोरदार स्वागत किया गया। भजन कीर्तन के बीच श्रद्धालुओं को गद्दीनशीन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने आशीर्वाद दिया। काबिलेगौर है कि इस साल कोरोना संक्रमण के चलते नगर परिक्रमा का रूट बेहद छोटा व परिवर्तित किया गया था।

दरबार साहिब परिसर से सुबह सुबह ऐतिहासिक नगर परिक्रमा शुरू हुई। नगर परिक्रमा भण्डारी चोक-दर्शनीगेट-लक्खीबाग-सहारनपुर चौक- महंत साहिबान के समाधि स्थल होते हुए श्री श्री दरबार साहिब परिसर पर सम्पन्न हुई।

 

संगतें श्री गुरु महाराज के जयकारे लगाती व दून के श्रद्धालु भी जवाब में जयकारे के साथ हाथ जोड़कर उनका अभिवादन करते। इस नज़ारे का साक्षी बनने के लिए नगर परिक्रमा के रूट पर श्रद्धालु मौजूद रहे। श्री दरबार साहिब परिसर मंे खुशी का प्रसाद वितरित किया गया व इस वर्ष के श्री झण्डे जी मेले के समापन की घोषणा भी हो गई।

 

श्री दरबार साहिब देहरादून के सज्जादानशीन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने कहा कि ऐतिहासिक नगर परिक्रमा में शामिल होने के लिए देश-विदेश से संगतें देहरादून पहुंचती हैं। दूनवासियों ने अतिथि देवो भवः के भाव को हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी चरितार्थ किया इसके लिए संगतों ने दूनवासियों का विशेष आभार जताया है। हर साल दूनवासियों की ओर से संगत का जिस स्नेह व अपनेपन के साथ स्वागत किया जाता है उस प्रेम को पाने के लिए संगत हर साल भारी संख्या मंे दून पहुंचती है। उन्होंने श्री झण्डे जी मेले के सफल आयोजन व गुरु संगत को दिए गए स्नेह व सम्मान के प्रति समस्त दूनवासियों का हार्दिक आभार जताया। मेले के सफल आयोजन मंे पुलिस, प्रशासन व मीडिया की भूमिका पर सभी का धन्यवाद दिया। अपने संदेश में कहा कि श्री गुरु राम राय जी महाराज का आशीर्वाद व कृपा आप सभी पर बनी रहे।

 

दरबार साहिब में खुशी का प्रसाद वितरित होने के बाद रविवार को अन्य राज्यों से आई अधिकांश संगतें अपने ग्रह जनपदों के लिए लौट गईं। महाराज ने कोरोना वायरस के प्रति संदेश में कहा कि लोग भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी एडवाइज़री का अनुपालन करें। सभी अपने स्वास्थ्य का ध्यान करें। सफाई पर ध्यान दें खुद भी जागरूक हों व दूसरों को भी जागरूक बनाएं।

 

दरबार गुरु राम राय महाराज, झण्डा मेला आयोजन समिति ने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के आधार पर नगर परिक्रमा सम्पन्न होने के बाद इस वर्ष के झण्डे मेले के समापन की घोषणा की।

पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार श्री दरबार साहिब परिसर के अंदर होने वाले धार्मिक अनुष्ठान, श्री झण्डा आरोहण व नगर परिक्रमा के बाद रविवार को ही मेला सम्पन्न करने का निर्णय पूर्व में ही ले लिया गया था। मेला व्यवस्थापक श्री केसी जुयाल ने बताया कि देश के कोने कोने से संगतें श्री झण्डे जी आरोहण के लिए पहुंचती हैं इसलिए धार्मिक व आस्था से जुड़ी हुई आवश्यक गतिविधियों को पूरा कर मेला सम्पन्न किए जाने की घोषणा कर दी गई है।

 

कोरोना संक्रमण के इस दौर दरबार श्री गुरु राम राय महाराज, झण्डा मेला आयोजन समिति की ओर से इस साल लिए गए निर्णयों व व्यवस्थाओं पर संगतों व दूनवासियों ने नज़ीर बताया। यह काबिलेतारीफ रहा कि झण्डे मेले में पहुंचने वाली लाखों की संगत को झण्डा मेला आयोजन समिति इस बार सीमित संख्या तक लाने में सफल रही। पंजाब की पैदल संगत के दून पहुंचने से लेकर झण्डा आरोहण की प्रक्रिया के बीच जिस तरह मेला आयोजन समिति की ओर आरटी-पीसीआर सैंपलिंग करवाई गई, कोरोना के बारे में आॅडियो संदेश चलवाए गए, फ्लेक्स आदि के द्वारा जिस प्रकार लोगों को जागरूक किया गया वह काबिले तारीफ है।

 

मेला आयोजन समिति के प्रयासों से इस बार सीमित संख्या में संगतें दरबार साहिब पहुंचीं। मेला आयोजन की अविधि को दो दिन सीमित किये जाने, दरबार साहिब में केवल धार्मिक अनुष्ठानों की प्रक्रिया, झण्डा जी आरोहण व नगर परिक्रमा के बाद रविवार को ही मेला सम्पन्न करने का निर्णय को भी लोगोें ने खूब सराहा।

 

गुरु के रंग में रंगी रहीं संगत

लाई-लाई-लाई-लाई-लाई बाबे ने फुलां दी बरखा लाई ,आज दी घड़ी बाबा जी रोज़-रोज़ आवे, मेला खुशियां दां आंदा है हर साल मेला खुशियां दा, फुल बरसांदी जांवा राह तेरे फुल बरसांदी जांवा, फड लै मेरियां बांवा दातया फुल बरसांदी जांवा, हर इक दी ओ सुणदां, ऐसे दाता मेहर लगाई, जिन्नी करई ओनी थोडी मेरे साहिब दी बढ़याई ऐ-मेरे साहिब दी वढेआई ए जैसे भजनों पर संगतों ने जमकर नृत्य किया। नगर परिक्रमा के दौरान पूरी हर्ष-उल्लास व उमंग के साथ संगत गुरु के रंग मंे रंगी दिखी। नगर परिक्रमा में शामिल होने के लिए संगतों ने सामाजिक दूरी का पालन किया व छोटे छोटे ग्रुप में नगर परिक्रमा के दौरान पैदल चले। इस दौरान संगतों में भारी उत्साह देखा गया। ढोल की थाप पर संगतों ने नृत्य किया व गुरु महाराज की भेंटें गाई गई।

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