Breaking News
Home / इंडिया / हमारी भाषा-बोली अलग हो सकती है, लेकिन देश की सांस्कृतिक एकता ही हमारे समृद्ध लोकतंत्र की पहचान भी है..सीएम त्रिवेंद्र
हमारी भाषा-बोली अलग हो सकती है, लेकिन देश की सांस्कृतिक एकता ही हमारे समृद्ध लोकतंत्र की पहचान भी है..सीएम त्रिवेंद्र

हमारी भाषा-बोली अलग हो सकती है, लेकिन देश की सांस्कृतिक एकता ही हमारे समृद्ध लोकतंत्र की पहचान भी है..सीएम त्रिवेंद्र

देहरादून

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रदेश में प्रशिक्षण एवं अध्ययन भ्रमण पर आये जम्मू कश्मीर के निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों का उत्तराखण्ड में स्वागत करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि है और अतिथि देवो भव हमारी परम्परा है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि राज्य में त्रिस्तरीय पंचायतों की कार्यप्रणाली का अध्ययन कर पंचायत प्रतिनिधि अपने क्षेत्रों में विकास की दिशा तय करने के साथ ही लोकतंत्र की मजबूती के लिये कार्य करेंगे। जम्मू कश्मीर से उत्तराखण्ड के प्रशिक्षण एवं अध्ययन भ्रमण पर आये निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों के सम्मान में आयोजित सांस्कृतिक संध्या के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार के अध्ययन भ्रमण कार्यक्रम एक दूसरे राज्य की संस्कृति से भी परिचित कराने में मददगार होते हैं। उन्होंने कहा कि हमारी भाषा-बोली अलग हो सकती है लेकिन हमारी संस्कृति एक है। हमारे देश की सांस्कृतिक एकता ही हमारे समृद्ध लोकतंत्र की पहचान भी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायतों में जन प्रतिनिधित्व का मौका उन्हें किया है। पंचायतों को मजबूत कर वे जम्मू कश्मीर को स्वस्थ लोकतंत्र की ओर ले जायेंगे। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को अपने कार्य व्यवहार से आने वाले लोगों को राह दिखाने के साथ ही प्रेरणादायी भी बनना होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जम्मू कश्मीर के पंचायत प्रतिनिधियों को प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिन्ह भी प्रदान किया।

अध्ययन प्रशिक्षण में उधमपुर के वीडीओ कुलदीप शर्मा, ओम प्रकाश खोखर ने कहा कि जम्मू कश्मीर में अभी त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था के बजाय एक स्तरीय व्यवस्था ही है। उत्तराखण्ड के अध्ययन से उन्हें निश्चित रूप से गांव से लेकर जिले तक त्रिस्तरीय पंचायती व्यवस्था बनाने में मदद मिलेगी। समन्वयक एजाज अहमद, ग्रम प्रधान कठुआ श्रीमती पिंकी देवी आदि ने इस प्रशिक्षण अध्ययन कार्यक्रम को बहुत ही उपयोगी बताया। उन्होंने उन्हें दिये गये सम्मान के लिये राज्य सरकार का आभार भी व्यक्त किया।

निदेशक पंचायती राज हरिचन्द्र सेमवाल ने बताया कि जम्मू कश्मीर राज्य से 160 पंचायत प्रतिनिधियों के चार दल का राज्य की चयनित पंचायतों एवं विभिन्न स्थलों में अध्ययन भ्रमण माह दिसंबर 2020 एवं जनवरी 2021 में प्रस्तावित किया गया था। जिसके क्रम में प्रथम दल दिनांक 13 से 19 दिसंबर 2020 द्वितीय दल दिनांक 21 से 28 दिसंबर 2020 एवं तृतीय दल दिनांक 28 दिसंबर 2020 से 3 जनवरी 2021 में राज्य दिनांक 4 से 10 जनवरी 2021 में प्रस्तावित किया गया था किंतु उक्त अवधि में जम्मू कश्मीर में भारी बर्फबारी के कारण उक्त दल का भ्रमण कार्यक्रम की तिथि परिवर्तित करने पड़ी। अंततः चतुर्थ दल दिनांक 18 जनवरी 2021 को उत्तराखंड पहुंचा। उन्होंने कहा कि पंचायतों के स्तर पर सम्पादित होने वाले कार्यों, विषयों से प्रतिनिधियों को प्रशिक्षित किये जाने के साथ ही उन्हें विभिन्न पंचायतों का स्थलीय भ्रमण भी कराया गया। इस अवसर पर प्रीतम भरतवाण एवं अंकित सेमवाल द्वारा गीत संगीत की प्रस्तुति दी गई।

कार्यक्रम में विधायक मुन्ना सिंह चौहान, श्रीमती चंद्रा पंत, जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान, कर्मकार कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष सतेन्द्र सिंह सत्याल आदि उपस्थित थे।

About admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

Scroll To Top