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पं. दीनदयाल उपाध्याय का राजनीतिक दर्शन भारतीय चिंतन पर आधारित था,देश तभी खुशहाल व समृद्ध हो सकता है, जब समाज के अन्तिम पंक्ति पर खड़े गरीबों का उत्थान हो….पं. दीनदयाल उपाध्याय

पं. दीनदयाल उपाध्याय का राजनीतिक दर्शन भारतीय चिंतन पर आधारित था,देश तभी खुशहाल व समृद्ध हो सकता है, जब समाज के अन्तिम पंक्ति पर खड़े गरीबों का उत्थान हो….पं. दीनदयाल उपाध्याय

देहरादून
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने तहसील चौक, देहरादून स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय पार्क में पंडित दीनदयाल की जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने अपने आवास में भी पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किये।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने भाजपा प्रदेश कार्यालय में ’पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी’ की जयंती पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर माल्यार्पण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित दीनदयाल जी ने भारत की सनातन विचारधारा को युगानुकूल रूप में प्रस्तुत करते हुए देश को एकात्म मानववाद मंत्र और समाज सेवा जैसी प्रगतिशील विचारधारा दी। पं. दीनदयाल उपाध्याय का राजनीतिक दर्शन भारतीय चिंतन पर आधारित था। उनका मानना था कि देश तभी खुशहाल व समृद्ध हो सकता है, जब समाज के अन्तिम पंक्ति पर खड़े गरीबों का उत्थान हो। गरीबों के कल्याण के लिए वे निरन्तर प्रयासरत रहे। केन्द्र व राज्य सरकार पं. दीनदयाल उपाध्याय जी द्वारा दिये गये जीवन दर्शन का अनुसरण करते हुए समाज के हर वर्ग के लोगों के लिए विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाएं चला रही हैं, उनके जीवन दर्शन एवं चिन्तन को सबने साराहा।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार किसानों की सबसे बड़ी हितैषी सरकार है। संसद में सरकार द्वारा पारित कराए गए कृषि विधेयकों से किसानों की दशा और दिशा में क्रांतिकारी बदलाव आएंगे। इन विधेयकों में ऐसी व्यवस्थाएं की गई हैं, जिससे किसान स्वयं अपनी उपज को अच्छी कीमतों पर मंडी में या मंडी के बाहर कहीं भी बेच सकेगा। मोदी जी हमेशा से किसानों के हितैषी रहे हैं। वे जब गुजारत के सीएम थे तो उन्होंने वहां किसानों के लिए 7 घंटे नियमित और निश्चित बिजली की व्यवस्था की। उन्होंने कृषि महोत्सवों की शुरूआत की। प्रधानमंत्री बनने के बाद भी किसान हमेशा उनकी प्राथमिकताओं में रहे। उनकी सरकार में गांव, गरीब और किसानों का सबसे पहले ख्याल रखा गया है। वर्ष 2009 में यूपीए की सरकार में कृषि मंत्रालय का बजट केवल 12 हजार करोड़ रूपए था जो आज कई गुना बढ़ाकर 1 लाख 34 हजार करोड़ किया गया है। पहले कभी भी केंद्र सरकार एक साल में 75 हजार करोड़ रूपए किसानों के हित में खर्च नहीं कर पाई थी। लेकिन मोदी सरकार ने यह मुमकिन कर दिया। पीएम किसान योजना से अब तक 92 हजार करोड़ रूपए सीधे डीबीटी के माध्यम से किसानों के खाते में पहुंच चुके हैं।मोदी सरकार ने कृषि अवसंरचना के लिए 1 लाख करोड़ के पैकेज की घोषणा की है। यूपीए के समय किसानों को 8 लाख करोड़ का कर्ज मिलता था, आज 15 लाख करोड़ का ऋण सालाना दिया जा रहा है।
इस अवसर पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत, विधायक हरवंश कपूर, खजानदास, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष ज्योति प्रसाद गैरोला, विनय गोयल, अनिल गोयल, श्री पुनीत मित्तल आदि उपस्थित थे।

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