धारा144 राजधानी देहरादून के कुछ खास इलाकों में अयोध्या मामले को लेकर सावधानीवश लगाई प्रशासन ने

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अयोध्या मामले पर उच्चतम न्यायालय दिल्ली का बहुप्रतिक्षित निर्णय आने की संभावना है और निर्णय आने पर तहसील सदर क्षेत्रान्तर्गत अलग-अलग संगठनों तथा समुदायों द्वारा विभिन्न प्रकार की गतिविधियां संचालित की जाने की पूर्ण संभावना को देखते हुए देहरादून प्रशासन ने सावधानिवश धारा 144 लगनेकजनिर्णय लिया है।इस दौरान कानून एवं शांति व्यवस्था पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े ,इसको देखते हुए संपूर्ण क्षेत्र, तहसील सदर की सीमा क्षेत्रान्तर्गत थाना रायपुर के स्थान भगत सिंह काॅलोनी का क्षेत्र, जैन प्लाॅट वाणी विहार, शिवलोक काॅलोनी का संपूर्ण क्षेत्र, चूना भटटा, आजाद नगर काॅलोनी का संपूर्ण क्षेत्र, अधोईवाला एमडीडीए काॅलोनी डालनवाला का संपूर्ण क्षेत्र, राजीव नगर कण्डोली, डाडा लखोड़ का संपूर्ण क्षेत्र राझावाला, रायपुर बाजार एवं रक्षा विहार का संपूर्ण क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम रखने हेतु धारा-144 दप्रसं लगाया जाना जनहित में नितांत आवश्यक समकगग गया।

समयाभाव के चलते गोपाल राम बिनवाल, उप जिला मजिस्ट्रेट, देहरादून विधि एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने हेतु दंड प्रक्रिया संहिता की धारा-144 के अंतर्गत तात्कालिक प्रभाव से निम्न आदेश पारित किया।जिसके अंतर्गत डिस्कस।क्षेत्र में कोई भी अग्नेयास्त्र, लाठी, हाकी, स्टिक, तलवार अथवा कोई तेज धार वाला अस्त्र जिसका फल ढाई इंच से अधिक हो, विस्फोटक किसी अन्य प्रकार की बारूद वाले अस्त्र जिसका प्रयोग हिंसा के लिए किया जाता हो, लेकर नहीं चलेगा और न ही हिंसा के प्रयोग हेतु ईंट, पत्थर रोड़ा आदि एकत्र करेगा। शस्त्र अथवा लाठी लेकर चलने का प्रतिबंध डयूटी पर कार्यरत राजकीय सेवकों पर लागू नहीं होगा।

उक्त क्षेत्रान्तर्गत नारेबाजी, लाउडस्पीकर के माध्यम से सांप्रदायिक भावना भड़काने वाले उत्तेजक भाषण करना, किसी प्रकार के भ्रामक साहित्य के प्रचार-प्रसार आदि को भी प्रतिबंधित किया गया है। किसी भी सार्वजनिक स्थान पर पांच या उससे अधिक व्यक्ति एकत्र नहीं होंगे तथा किसी भी प्रकार के समूह, बसों, ट्रैक्टर, ट्राॅलियों अथवा दोपहिए वाहनों तथा चैपहिया वाहनों के जुलूस की शक्ल में एकत्र होने पर प्रतिबंध लगाया जाता है। इस दौरान किसी भी प्रकार के जुलूस, प्रदर्शन सार्वजनिक सभा का आयोजन बिना पूर्व अनुमति के नहीं किया जाएगा। इस आदेश का प्रभाव राजकीय कार्यक्रमों या आयोजनों पर नहीं पड़ेगा। कोई भी व्यक्ति राजकीय संपत्ति को किसी प्रकार से प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से क्षति नहीं पहुंचाएगा।

उक्त आदेश इस आशय से निर्गत किया जा रहा है कि शांति व्यवस्था और आपसी सामंजस्य बनाए रखने हेतु कोई भी अवांछनीय तत्व कोई गैर जिम्मेदार हरकत न कर सके तथा उक्त क्षेत्रान्तर्गत कानून एवं शांति व्यवस्था कायम रह सके। चूंकि उक्त आदेश की तामीली सभी व्यक्तियों और पक्षों पर सम्यक रूप से किया जाना संभव नहीं है, अतः जनहित में एकपक्षीय आदेश पारित किए जाते हैं। प्रशासन द्वारा जारी विज्ञप्ति मे कहा गया है कि ये आदेश अग्रिम आदेशों तक प्रभावी रहेगा। यदि इससे पूर्व इनका अपास्त न कर दिया जाए। आदेश का उल्लंघन भा0दं0वि0 की धारा-188 के अधीन दंडनीय होगा। इस आदेश का व्यापक प्रचार-प्रसार थाना प्रभारियों के माध्यम से होना है।

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