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भीख नहीं, व्यवसाय कुम्भ मेले के लिए उत्तराखण्ड पुलिस की अनोखी पहल

भीख नहीं, व्यवसाय कुम्भ मेले के लिए उत्तराखण्ड पुलिस की अनोखी पहल

भीख नहीं, व्यवसाय कुम्भ मेला पुलिस की पहल

हाँ आज भी भिक्षुक रूपी अभिमन्यु घिरा हुआ था भूख, पीड़ा , समाज के तिरस्कार, शरीर से रिसते घाव , हड्डियों में चुभती ठंड, ओर अपने ही भाग्य चक्र जैसे अनेक अभेद दुर्ग द्वार से, जब कभी भी उसने इस चक्रव्यूह से निकलने की कोशिश की, तभी किसी समय रूपी जयद्रथ तो कभी किसी द्रोण ने उसे इन बेड़ियों को तोड़ने ही नही दिया।
किन्तु इस बार कुंभनगरी में माँ गंगा के आँचल के आशीर्वाद में अनेक नवगाथओं का दौर स्वागत कर रहा है नई परम्पराओं का नए युग का। जहां देवभूमि उत्तराखंड की कुंभनगरी सदैव से ही संस्कृति और धार्मिक आस्थाओं के केंद्र बिंदु बन साधु संन्यासी और श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकृष्ट करती है, वहीं नगर के गली नुक्कड़ एवमं हर चौराहे में बैठे भिखारी हमारे मानवीय सम्वेदनाओं ओर आधुनिक समाज को मुहँ चिढ़ाते है। जिसे एक अभियान के तहत मुख्य धारा में जोड़ने का बीड़ा उठाया अशोक कुमार पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड पुलिस के दिशानिर्देशन एवमं संजय गुंज्याल पुलिस महानिरीक्षक कुम्भ मेला के नेतृत्व में कुम्भ मेला पुलिस ने।

ऐसा कदापि नही है कि पूर्व में भिक्षुओं के हक में आवाज न उठी हो या कोई पहल न हुई हो परन्तु समाधान के विकल्प के रूप में सभी गरीब मजबूर भिक्षुओं को नगरक्षेत्र से उठा कर भिक्षुक गृह भेज दिया जाता है। जहां अवधि पूर्ण होने पर वे सभी एक व्यवसाय की भांति भिक्षावृत्ति कार्य मे लिप्त हो जाते एवमं अभियान की इतिश्री हो जाती। पूर्व में कभी भी स्थायी समाधान के तौर पर विकल्प नहीं तलाशे गए, कभी भी इनकी पीड़ा एवम मजबूरी को समझने का प्रयास नही किया गया। हमेशा ही इन्हें नगर सौंदर्य पर कालिख की नजर से देख हटाने के प्रयास किये, न कि मुख्य समाज की धारा से जोड़ने के।

मूल रूप से यह अभियान श्रीमान पुलिस महानिदेशक महोदय उत्तराखंड पुलिस के *भिक्षा नही शिक्षा* की ही एक नवीन कड़ी है जिसे साकार रूप देने का जिम्मा पुलिस महानिरीक्षक (हरिद्वार कुम्भ 2021) को दिया गया,
जिसके तहत सर्वप्रथम आगाज के क्रम में विभिन्न सरकारी विभागों, धार्मिक एवं समाजसेवी संस्थाओं से तालमेल बनाते हुए भिक्षुकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने पर मंथन हुआ।

योजना के तहत सर्वप्रथम अभियान से जुड़े अधिकारियों को अलग-अलग उत्तरदायित्व सौंपें गए। जहां राजन सिंह अपर पुलिस अधीक्षक कुंभ मेला 2021 को पकड़े गए भिक्षुकों का माननीय न्यायालय से रिमांड प्राप्त करने एवं अन्य वैधानिक कार्रवाईयों को समय से कराने की जिम्मेदारी दी गई। वहीं स्वास्थ्य विभाग से समन्वय स्थापित करते हुए पकड़े गए भिक्षुकों का कोरोना से संबंधित रैपिड एंटीजन टेस्ट करवाने का उत्तरदायित्व वीरेंद्र डबराल पुलिस उपाधीक्षक को दिया गया। अभियान को मानवीय स्वरूप से अलंकृत करने के क्रम में निरीक्षक कैलाश चंद्र भट्ट को भिक्षुकों की शेविंग कटिंग कराने हेतु सैलून से वोलियेन्टर हेयर एक्सपर्ट को लाने की जिम्मेदारी दी गई साथ ही मित्र पुलिस के मानवीय दृष्टिकोण को व्यवहारिकता में लाने के लिए बड़ा उदासीन अखाड़ा एवं आईटीसी कंपनी से भिक्षुकों के लिए गर्म कपड़े एवं कंबल दान कराने की जिम्मेदारी तय की गई।

इसके अतिरिक्त जन्मजेय खंडूरी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुम्भ मेला 2021 के नेतृत्व में अनुज कुमार, तपेश कुमार, शांतनु पाराशर एवं श्री आशीष भारद्वाज पुलिस उपाधीक्षकगण कुंभ मेला 2021 हरिद्वार को समाज कल्याण विभाग, जनपद पुलिस आदि से समन्वय बनाकर भिक्षुक गृह में संपूर्ण व्यवस्थाओं को विधिवत एवं नियम अनुसार कराने का उत्तरदायित्व दिया गया।
बैठकों के मंथन और दायित्व निर्धारण के पश्चात कुम्भ मेला पुलिस की एक टीमों द्वारा द्वारा हरकीपेड़ी एवमं अन्यत्र क्षेत्रो में रेकी कर वास्तविकता पहचानी एवमं तद्पश्चात 103 भिखारियों को , सेनेटाइज कर कोविड एन्टी रेपिड टेस्ट भी कराया गया, रेपिड टेस्ट में सभी भिखारी नेगेटिव निकले।

जिन्हें भिक्षुक गृह रोशनाबाद भेज कर समाज कल्याण विभाग द्वारा प्रदत्त भोजन उपलब्ध कराया गया। तद्पश्चात सभी को गर्म पानी से स्नान कराया गया श्री संजय गुंज्याल पुलिस महानिरीक्षक कुंभ मेला 2021 एवं महंत श्री दामोदर दास श्री बड़ा अखाड़ा उदासीन हरिद्वार द्वारा भिक्षुकों को विंटर थर्मल वेयर, नए गर्म कपड़े एवं नया ऊनी कंबल भी उपलब्ध कराए गए साथ ही उनसे भविष्य के लिए उनकी इच्छा एवम शारीरिक एवम मानसिक योग्यता अनुसार स्वरोजगार उपलब्ध कराए जाने एवम अभिरक्षा अवधि में ही किसी हुनर के अभ्यास सम्बन्धी चर्चा भी भिक्षुओं के साथ की। जिसका उद्देश्य सभी भिक्षुओं के अभिरक्षा अवधी समाप्ति उपरांत अपना जीवन व्यवसाय के साथ सम्मानपूर्वक एवमं स्वाभिमान से जीने में सहायता प्राप्त हो सके।

उपरोक्त योजना के अतिरिक्त सरकारी मानकों पर योग्य पाए जाने वाले *भिक्षुओं को पुलिस लाइन, थानों एवमं वाहिनियों में मेस में संविदा* पर रखे जाने का आश्वासन संजय गुंज्याल पुलिस महानिरीक्षक कुम्भ द्वारा दिया गया।

*अभियान के दौरान मानव सम्वेदनाओं को झकझोरते अनेक पल*–
दोनों पैरों से पोलियो ग्रस्त भिक्षुक सुनील जो कि सागर ,मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं एवमं विगत 05 वर्षों से हर की पैड़ी पर भीख मांग कर अपना गुजारा करते है ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि मजबूरी में भीख मांगने का कार्य करते हैं, जो कि उन्हें बेहद अपमानजनक लगता है लेकिन अब कुंभ मेला पुलिस के इस कदम से उंन्हे सम्मानजनक जीवन की आशा दिखाई दी। इसी प्रकार के विचार और भावनाएं भिक्षुक दिनेश, गुड्डू, रामजीलाल, विजयराम दास एवं सुरेंद्र आदि द्वारा भी जताई गई।

आई लव यू पुलिस

पुलिस द्वारा दिए गए नए कपड़े पहन कर, कटिंग-सेविंग-बाथिंग लेकर एवं ताजा भोजन खाने के बाद मानसिक रूप से कमजोर भिक्षुक किशन किसी छोटे बच्चे की तरह बोला आई लव यू पुलिस जिसे सुनकर वहां मौजूद पुलिस महानिरीक्षक कुंभ सहित उपस्थित सभी के चेहरे पर भी मुस्कान आ गई।

अभियान के दौरान भिक्षुकों की कटिंग-सेविंग का कार्य कर उनकी शारीरिक संरचना में आमूलचूल बदलाव करने वाले वोलियेन्टर सैलून हेयर एक्सपर्ट अशोक, गौरव और विकास हो या रैपिड टेस्ट कर उपचार करने वाले डॉ अक्षय चौहान, डॉ अनमोल , सभी के चेहरे पर इस मॉनवीय कार्य का सुकून अलग से पहचाना जा सकता है।

जिसने भी अभियान के बारे में जाना वो मुराद है आज कुम्भ मेला पुलिस का ,कुम्भ नगरी में यह अभियान एक विचार बन रहा है एक रण बन रहा है ऒर सभी को सोचने को विवश कर रहा है कि —
हाँ ये भी हमारी ही भांति इंसान है, इन्हें भी हमारी तरह सम्मान से जीना है इन्हें भी दर्द होता है यह व्यवसाय नही भूख की मार है मजबूरी है हमें इस अभियान को अविरल करना है ये विचार ये शब्द हर उस इंसान के प्रतीत हो रहे हैं जो अभियान का हिस्सा बने है और हिस्सा बने उस तरकश का जो भिक्षुओं के मर्म को समझ उस चक्रव्यूह को तोड़ने महारथी ने धारण किया है

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