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टीआईसी योजना लागू करने वाला पहला राज्य उत्तराखण्ड,अभी तक केवल सिसिली, जापान व साइप्रस देशों में यह योजना लागू…दिलीप जावलकर

टीआईसी योजना लागू करने वाला पहला राज्य उत्तराखण्ड,अभी तक केवल सिसिली, जापान व साइप्रस देशों में यह योजना लागू…दिलीप जावलकर

देहरादून
उत्तराखण्ड में होमस्टे पर्यटन राज्य में समग्र पर्यटन विकास का एक बड़ा हिस्सा है। उत्तराखण्ड में पर्यटन के पुनरूद्धार के लिए गृहस्थी की कुंजी हो सकती है, खासकर कोविड-19 महामारी के बाद। उत्तराखण्ड कैबिनेट ने हाल ही में उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद के साथ मिलकर पर्यटन प्रोत्साहन कूपन योजना (टीआईसी) शुरू करने का प्रस्ताव पारित किया है। राज्य सरकार द्वारा पर्यटकों को प्रोत्साहित करने की यह नवीनतम पहल बड़े पैमाने पर पर्यटन उद्योग के लिए फायदेमंद साबित होगी।

इस योजना के बारे में जानकारी देते हुए, पर्यटन सचिव दिलीप जवालकर ने बताया, ‘‘पर्यटन प्रोत्साहन कूपन योजना (टीआईसी) उत्तराखण्ड पूरे देश में लागू करने वाला पहला राज्य है। उल्लेखनीय है कि उत्तराखण्ड के अलावा हाल ही में जापान, सिसिली और साइप्रस में भी इसी तरह की प्रोत्साहन आधारित योजनाएं शुरू की गई है। उत्तराखण्ड सरकार ने पर्यटन से जुड़ी अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए और राज्य में अधिक से अधिक पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए इस योजना की शुरूआत की है। इस योजना के शुभारंभ की तारीख की घोषणा शीघ्र ही की जायेगी।’’

इस योजना का लाभ लेने के लिए उत्तराखण्ड आने वाले पर्यटकों को देहरादून स्मार्ट सिटी पोर्टल पर टूरिस्ट कैटेगरी के अन्तर्गत अपना पंजीकरण कराना होगा। तीन दिनों तक होटल/होमस्टे में रहने पर पर्यटकों को अधिकतम 1000 रूपये या 25 प्रतिशत प्रतिदिन जो भी कम हो, प्रोत्साहन कूपन के रूप में दिया जायेगा जिसे पर्यटकों के होटल के आवासीय बिल में होटल स्वामी द्वारा छूट के रूप में समायोजित किया जायेगा। इस समायोजित/छूट की राशि को होटल प्रबन्धन द्वारा बिल व साक्ष्य प्रस्तुत करने पर विभागीय अनुमोदन के पश्चात् 15 दिनों के अन्दर प्रतिपूर्ति कर दिया जायेगा। यह योजना हमारे माननीय प्रधानमंत्री द्वारा प्रस्तावित ‘‘वोकल फाॅर लोकल’’ दर्शाता है।

आदिदेव होमस्टे के संचालक धैर्य अरोड़ा ने कहा कि उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद द्वारा शुरू की गई टीआईसी योजना पर्यटकों के साथ-साथ होटल और होमस्टे संचालकों के दृष्टिकोण से भी काफी लाभदायक साबित होगी। यह उत्तराखण्ड सरकार की ओर से एक स्वागत योग्य पहल है और राज्य में पर्यटन संबंधी अर्थव्यवस्था को बढ़ाने में मदद करेगी।

प्रोत्साहन कूपन की धनराशि केवल होटल/होमस्टे के आवासीय किराये में समायोजित की जायेगी, जो केवल 03 दिनों के आवास पर ही मान्य होगी। कूपन का लाभ प्रति बुकिंग/प्रति रात्रि ई-पास एवं कूपन की वैद्यता के दिन तक मान्य होगी।

यह प्रोत्साहन कूपन योजना उत्तराखण्ड राज्य के जनपद देहरादून के मसूरी, चकराता, ऋषिकेश नगर निगम क्षेत्र, हरिद्वार के हरिद्वार नगर निगम क्षेत्र, पौड़ी के कोटद्वार को छोड़कर शेष समस्त क्षेत्र, नैनीताल के काठगोदाम एवं हल्द्वानी के क्षेत्रों को छोड़कर शेष समस्त क्षेत्र, ऊधमसिंह नगर को छोड़कर शेष समस्त जनपद प्रतिबन्धित क्षेत्र को छोडकर मान्य होगी। दी गयी सूची को यूटीडीबी द्वारा समय-समय पर परिवर्तित किया जा सकता है।

उत्तराखण्ड राज्य में पर्यटक प्रोत्साहन योजना को पाइलट प्रोजैक्ट के रूप में एक माह के लिए लागू किया गया है, जिसमें लगभग 270 लाख का व्ययभार सम्भावित है। यह धनराशि मुख्यमंत्री राहत कोष द्वारा दिया जायेगा। यदि यह योजना सफल होती है तो इसको अगले दो माह के लिए बढ़ा दिया जायेगा।
पर्यटक प्रोत्साहन कूपन योजना के पंजीकरण कराते समय पर्यटक का आधार कार्ड या अन्य आई0डी0 कार्ड, ई-पास एवं उसको मिलने वाली छूट की धनराशि का भी उल्लेख अनिवार्य होगा। कूपन की दो प्रतियां होंगी जो एक पर्यटक के पास व दूसरी सम्बन्धित होटल या होमस्टे के लिए जारी होगी। धोखाधड़ी से बचने के लिए पर्यटकों द्वारा क्रेडिट कार्ड या डिजिटल के माध्यम से ही भुगतान की व्यवस्था होगी।

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