देहरादून/त्यूणी
त्यूणी में आग लगने से चार बच्चियों के जिंदा जलने के बाद शुक्रवार सुबह जिलाधिकारी सोनिका घटना स्थल के निरीक्षण के लिए पहुंची।
जिलाधिकारी सोनिका ने मृतकों के परिजनों से मिलकर उनको ढांढस बंधाया।
पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने त्यूणी घटना की जांच पुलिस उपमहानिरीक्षक फायर निवेदिता कुकरेती को सौंपी है। घटना की जांच प्राथमिकता के आधार पर 3 दिन के भीतर रिपोर्ट देने के आदेश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट में किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की कमी पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की गई है। वहीं जिलाधिकारी द्वारा राहत बचाव कार्यों में लापरवाही पर नायब तहसीलदार को निलंबित किया गया है। लापरवाही बरतने पर फायर सर्विसेज के चार कर्मचारी निलंबित किए गए हैं।
त्यूनी में शिक्षा विभाग से सेवानिवृत कर्मचारी सूरतराम जोशी का लकड़ी का चार मंजिला घर सड़क के किनारे स्थित है। इसमें मकान मालिक के साथ ही पांच परिवार किराये पर रहते हैं। बृहस्पतिवार शाम को घर के अंदर किराये पर रहने वाले पांच बच्चे, दो पुरुष और एक महिला थी।
घटनाक्रम के अनुसार शाम करीब चार बजे किराये पर रहने वाले विक्की की पत्नी कुसुम किचन में रसोई गैस सिलिंडर बदल रही थीं। इसी दौरान अचानक सिलिंडर ने आग पकड़ ली। हड़बड़ाहट में कुसुम ने आग बुझाने का प्रयास किया लेकिन आग ने लकड़ी से बने मकान को चपेट में लेना शुरू कर दिया।
जानकारी के अनुसार दमकल विभाग के वाहन में पानी कम होने के कारण वह दस मिनट में ही खत्म हो गया
किराये पर रहने वाले अन्य परिवारों के सदस्यों ने शोर मचाया तो आसपास के ग्रामीण पहुंच गए।
उधर, सूचना पाकर मौके पर पहुंची स्थानीय फायर ब्रिगेड की टीम ने आग बुझाना शुरू किया। लेकिन, वाहन में पानी कम होने के कारण वह दस मिनट में ही खत्म हो गया।
आग विकराल हुई तो घर में रखे चार सिलिंडर एक के बाद एक धमाके के साथ फटे। जब तक फायर बिग्रेड की टीम पानी लेकर वापस आई, आग ने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया था।
मकान में लगी भीषण आग की चपेट में आने से जाक्टा निवासी किराएदार त्रिलोक सिंह चौहान की 12 वर्षीय पुत्री गुंजन और पटाला निवासी उसके साली की दो पुत्रियां अदिरा उर्फ मिष्टी आयु 6 वर्ष, सेजल उर्फ दीबो आयु 3 वर्ष व विकटाड़ निवासी दूसरी साली की 10 वर्षीय पुत्री रिधि समेत चार बालिकाएं जिंदा जल गईं।
वहीं, विक्की चौहान, भगत, कुसुम और स्वाति (15) झुलस गए। इनमें कुसुम की हालत गंभीर देख हायर सेंटर रेफर किया गया है।
जिलाधिकारी सोनिका ने सम्बन्धित क्षेत्र में आपदा के उपकेंद्र पर एसडीआरएफ टीम तैनात करने के निर्देश दिए। साथ ही निर्देशित किया कि आपदा राहत बचाव आगजनी से सम्बन्धी उपकरण, सम्बन्धित ग्राम प्रधान की निगरानी में रखे जाएं ताकि किसी प्रकार की आपदा घटित होने पर रेस्क्यू टीमों से पंहुचने से पूर्व ही स्थानीय स्तर पर राहत बचाव कार्य संचालित किया जा सकें। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि त्यूणी में निर्माणधीन 100 बैड के चिकित्सालय का निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण कराते हुए अस्पताल संचालित कराया जाए।
जिलाधिकारी ने राजकीय चिकित्सालय त्यूनी में व्यवस्थाओं का जायजा लिया साथ ही दवाइयों के स्टॉक की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान जिलाधिकारी ने चिकित्सालय में उपचार कराने हेतु आए लोगों से भी बात की।
आगजनी की घटना पर राहत बचाव कार्यों में स्थानीय लोगों का सम्बन्धित तहसीलदार, नायब तहसीलदार, की कार्यशैली पर भारी जनआक्रोश के दृष्टिगत जिलाधिकारी ने सम्बन्धित तहसीलदार पर अनुशासनात्मक कार्यवाही तथा नायब तहसीलदार को निलम्बित किये जाने के आदेश दिए हैं, तथा अपर जिलाधिकारी वित्त एंव राजस्व को जांच अधिकारी नामित किया गया।
मौके पर डीआईजी/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दलीप सिंह कुंवर, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व रामजी शरण शर्मा, उप जिला अधिकारी नरेश चंद्र दुर्गापाल, उप जिलाधिकारी युक्ता मिश्रा सहित संबंधित अधिकारी कार्मिक उपस्थित रहे।