सीएम धामी ने विधानसभा के पटल पर रखा कॉमन सिविल कोड बिल,पढ़िए क्या फर्क आएगा अब राज्य के विवाह संबंधी कानूनों में

देहरादून

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देश का पहला कॉमन सिविल कोड बिल मंगलवार को विधानसभा के पटल पर पेश कर दिया।

कॉमन सिविल कोड बिल के लागू होने के बाद उत्तराखंड में विवाह के सभी कानून, प्रथाएं और रूढ़ियां निष्प्रभावी हो जाएंगी। विवाह, लिव इन रिलेशनशिप और विवाह विच्छेद का पंजीकरण अब अनिवार्य हो जाएगा। कोई भी एक पति या पत्नी के रहते दूसरा विवाह नहीं कर पाएगा। लिव इन रिलेशनशिप से पैदा बच्चा वैध माना जाएगा। संपत्ति में बेटियों को बराबर का हक मिलेगा। उत्तराधिकार के नियम कड़े कर दिए गए हैं।

मंगलवार को अपने हाथों में संविधान का प्रति लेकर लेकर विधानसभा में पहुंचे सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कॉमन सिविल कोड का बिल सदन के पटल पर पेश कर दिया।

202 पेज के इस बिल में विवाह, विवाह विच्छेद, उत्तराधिकार, गोद लेने का अधिकार, लिव इन रिलेशनशिप, विवाह पंजीकरण पर विस्तार से सभी नियम बनाए गए हैं।

इस संबंध में जानकारों का कहना है कि इस बिल के लागू होने के बाद उत्तराखंड में विवाह के अन्य सभी कानून, रूढ़ियां या प्रथाएं स्वतः ही निष्प्रभावी हो जाएंगी। यह कानून राज्य से बाहर रहने वाले उत्तराखंड के सभी नागरिकों पर भी लागू होगा। अलबत्ता अनूसूचित जनजाति के लोगों और समूहों पर यह कानून लागू नहीं होगा।

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