देहरादून
शनिवार को शहर के नामी बिल्डर सतेंद्र सिंह साहनी उर्फ बाबा साहनी की आत्महत्या के मामले में आरोपित अजय कुमार गुप्ता व उनके बहनाेई अनिल गुप्ता (गुप्ता बंधु) को राजपुर थाना पुलिस ने बाद दोपहर करीब चार बजे अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) तृतीय शायस्ता बानो की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने दोनों आरोपितों को 14 दिनों तक न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश जारी किए है। गुप्ता बंधुओ ने अपना साम्राज्य उत्तराखंड के साथ साथ उत्तर प्रदेश व दक्षिण अफ्रीका तक फैला रखा है। दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति जैकब जुमा पर 2018 में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे थे,जुमा के करीबी होने के चलते गुप्ता बंधु उस समय भी अफ्रीका में सीधे निशाने पर आ गए थे।
शुक्रवार को कारोबार में पार्टनरशिप के विवाद में शहर के नामी बिल्डर बाबा साहनी ने अपनी विवाहित बेटी के निवास सहस्रधारा रोड पर पैसेफिक गोल्फ अपार्टमेंट में आठवीं मंजिल पर स्थित फ्लैट की बालकनी से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। उनकी जेब से मिले सुसाइड नोट व उनके बेटे के बयान के आधार पर पुलिस ने सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) के निवासी चर्चित गुप्ता बंधु अजय कुमार गुप्ता व उनके बहनोई अनिल गुप्ता के विरुद्ध आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज किया था।
त्वरित कार्रवाई कर राजपुर थाना पुलिस ने दोनों आरोपितों को उनके कर्जन रोड स्थित आवास से हिरासत में लेकर पूछताछ के बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार रात दोनों आरोपित राजपुर थाने की हवालात में रहे, जहां पूछताछ के बाद थानाध्यक्ष पीडी भट्ट की देखरेख में दोनों को अदालत में पेश किया गया। अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि अजय गुप्ता व उनका बहनोई अनिल गुप्ता बिल्डर सतेंद्र सिंह साहनी को लगातार धमकियां दे रहे थे।
आरोपितों ने सहारनपुर में बिल्डर के खिलाफ शिकायत भी दी, जिसके कारण सहारनपुर पुलिस उन्हें लगातार पेश होने का दबाव बना रही थी। तनाव में आकर बिल्डर ने अपनी बेटी के पैसेफिक गोल्फ अपार्टमेंट की आठवीं मंजिल पर स्थित फ्लैट की बालकनी से छलांग लगा दी। आत्महत्या करने से पहले बिल्डर ने सुसाइड नोट भी लिखा, जोकि उनकी जेब से बरामद हुआ। सुसाइड नोट के आधार पर दोनों आरोपितों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज करते हुए शुक्रवार शाम को देानों को गिरफ्तार किया गया।
हालांकि बचाव पक्ष ने कहा कि प्रोजेक्ट पर गुप्ता बंधु 19 करोड़ रुपये दे चुके हैं, ऐसे में वह साइट पर केवल हिसाब किताब पूछने वाले के लिए जा रहे थे। नौ मई के बाद गुप्ता बंधुओं का सतेंद्र साहनी से कोई संपर्क भी नहीं हुआ है, ऐसे में धमकी देने का कोई सवाल ही नहीं था। अदालत ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद आरोपितों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश जारी किए।
बताते चलें कि रेसकोर्स निवासी बिल्डर सतेंद्र सिंह साहनी वर्तमान में साहनी स्ट्रक्चर एलएलपी व साहनी इंफ्रा एलएलपी के नाम से सहस्रधारा हेलीपैड के निकट और राजपुर रोड पर अम्मा कैफे के निकट दो आवासीय परियोजनाओं का निर्माण करा रहे थे। इसमें पूर्व में दो पार्टनर थे, जिसमें एक सतेंद्र साहनी व दूसरा बिल्डर संजय गर्ग था। परियोजना का बजट काफी अधिक होने के कारण सतेंद्र साहनी ने अपने परिचित बलजीत सोनी से संपर्क कर उनकी परियोजना के लिए किसी बड़े फाइनेंसर की तलाश करने को कहा था तब उनकी मुलाकात सहारनपुर के चर्चित कारोबारी अनिल गुप्ता से हुई थी।
