भ्रष्टाचारी घूसखोर सरकारी अधिकारियों/कर्मचारियों के लिए खौफ का पर्याय बनी विजिलेंस ,अब तक 29 भेजे जेल और 19 के खिलाफ शासन की अनुमति का इंतजार – Latest News Today, Breaking News, Uttarakhand News in Hindi

भ्रष्टाचारी घूसखोर सरकारी अधिकारियों/कर्मचारियों के लिए खौफ का पर्याय बनी विजिलेंस ,अब तक 29 भेजे जेल और 19 के खिलाफ शासन की अनुमति का इंतजार

देहरादून
सरकार की नाक के नीचे सरकारी विभागों में काम कर रहे और भ्रटाचार को बढ़ाने वाले घूसखोर अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ विजिलेंस पहले से ज्यादा सख्त हो गया है,विजिलेंस ने इसी वर्ष अब तक 29 घूसखोरों को जेल का रास्ता दिखा चुकी है जबकि भ्रष्टाचार में लिप्त राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों में तैनात 19 अधिकारियों/कर्मचारियों के खिलाफ जांच की अनुमति मांगी गई है। विजीलेंस ने इसके लिए बाकायदा शासन से पत्राचार भी किया है। अनुमति मिलते ही विजिलेंस ऐसे घूसखोर अधिकारियों व कर्मचारियों की संपत्ति की जांच शुरू करने की तैयारी में है।
विजिलेंस की ओर से फिलहाल आय से अधिक संपत्ति के मामलों में 28 प्रकरणों जिनमे तीन ट्रैप, 12 एफआइआर और 13 अन्य प्रकरणों की खुली जांच चल रही है। इन 28 मामलों पर शासन से विजिलेंस को खुली जांच की अनुमति मिली हुई है। इन मामलों की विवेचना सीओ और इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी करते है।
विजीलेंस निदेशक डॉ. वी. मुरुगेशन ने बताया कि विजिलेंस की ओर से इस वर्ष पिछले 8 माह में प्रदेश में 22 ट्रैप किए गए, जिनमें सरकारी विभागों के 29 भ्रष्टाचारी अधिकारियों-कर्मियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जिनमे चार राजपत्रित और 25 गैर-राजपत्रित व अन्य अधिकारी शामिल हैं।
गिरफ्तार आरोपियों में पुलिस विभाग से 5, परिवहन विभाग के 3, राजस्व विभाग के 4, शिक्षा विभाग के 3, विद्युत विभाग के 4, राज्य कर विभाग का 1, आबकारी विभाग का 1, खेल विभाग का 1, वन विभाग का एक, शहरी विकास विभाग का 1, लघु सिंचाई विभाग का 1, पंचायती राज विभाग का 1, आवास विकास विभाग का 1, औद्यौगिक विभाग का एक और खाद्य आपूर्ति विभाग का भी 1 आरोपित शामिल हैं।
विजिलेंस की जनपदवार कार्रवाई में
गढ़वाल मंडल देहरादून के तीन,हरिद्वार के तीन,पौड़ी के तीन और कुमांऊ मंडल में
उधमसिंहनगर के 10,नैनीताल के तीन लोग हैं।
जबकि रिश्वत लेते गिरफ्तार हुए
अधिकारी इस प्रकार हैं…
👉 25 अप्रैल 2024 को जनपद उधमसिंहनगर के खाद्य आपूर्ति विभाग के विपणन अधिकारी मोहन सिंह टोलिया को 50 हजार रिश्वत के साथ गिरफ्तार किया।
👉 22 मई को जनपद नैनीताल के लघु सिंचाई विभाग के अधिशाषी अभियंता को 50 हजार रुपये रिश्वत के साथ गिरफ्तार किया।
👉 25 जून को सहायक आयुक्त राज्य कर शशिकांत दूबे को 75 हजार रुपये रिश्वत के साथ गिरफ्तार किया।
👉दो जुलाई को जनपद उधमसिंहनगर के जिला आबकारी अधिकारी अशोक मिश्रा को 70 हजार रुपये रिश्वत के साथ गिरफ्तार किया।
👉 12 जुलाई को जनपद हरिद्वार के खंड शिक्षा अधिकारी अयाजुद्दीन को 10 हजार रुपये रिश्वत के साथ गिरफ्तार किया गया।
वहीं विजिलेंस की ओर से गिरफ्तार किए गए 24 घूसखोर जिनमें चार राजपत्रित व 20 अराजपत्रित अधिकारियों के विरुद्ध शासन से अभियोजन स्वीकृति के प्राप्ति के बाद अदालत में आरोपपत्र दाखिल किए गए हैं। इनमें से 15 प्रकरणों में न्यायालय में ट्रायल भी शुरू हो चुका है। न्यायालय की ओर से विगत तीन वर्षों से वर्तमान तक 35 मामलों में निर्णय सुनाते हुए 23 आरोपितों को दंडित किया गया है।
वी. मुरुगेशन, निदेशक विजिलेंस, उत्तराखंड ने अपील की है कि अक्सर यह डर रहता है कि रिश्वत की शिकायत करने पर आपका काम रुक जाएगा या नहीं होगा। इस डर को खत्म करने के लिए ही विजिलेंस यह सुनिश्चित कर रहा है कि रिश्वतखोरी की शिकायत को गंभीरता से जांच की जाए। आमजन से अपील है कि यदि राज्य के सरकारी विभागों में नियुक्त कोई अधिकारी व कर्मचारी अपने का दुरुपयोग कर रिश्वत की मांग करता है या उसने आय से अधिक अवैध संपत्ति अर्जित की हो, तो इस संबंध में विजिलेंस के टोल फ्री नंबर-1064 व हेल्पलाइन नंबर 9456592300 पर सूचना दे सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *