मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गढ़ भोज दिवस 7 अक्तूबर 2024 को मनाने का किया आह्वान..द्वारका सेमवाल – Latest News Today, Breaking News, Uttarakhand News in Hindi

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गढ़ भोज दिवस 7 अक्तूबर 2024 को मनाने का किया आह्वान..द्वारका सेमवाल

देहरादून

आगामी 7 अक्टूबर 2024 को गढ़भोज दिवस के आयोजन के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वीडियो संदेश के माध्यम से राज्य के स्कूलों, कालेज, विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेज, अस्पतालों, होटल, रेस्टोरेंट, स्वैच्छिक संगठनों, स्वयं सहयता समूह के साथ ही देश विदेश में रहने वाले प्रवासी एवं दुनिया के अलग अलग हिस्सों में भोजन के कारोबार, सेवा के कार्यों से जुड़े उतराखंडियो से गढ़ भोज दिवस मनाने का आह्वान किया।

इस वर्ष गढ़भोज दिवस का विषय गढ़भोज से निरोगी काया पर आधारित रखा गया है।

निरोगी काया एवं स्वस्थ समाज की कल्पना को साकार करने के लिए उत्तराखंड के परंपरागत फसलों और भोजन को प्रोत्साहित और सरंक्षित करने पर गंभीरता से विचार करने का समय आ गया है, और इस महत्वपूर्ण विषय पर विभिन्न पहलुओं को उजागर करने की आवश्यकता है। यह दिवस हमें इस अद्वितीय प्राकृतिक धरोहर के सरंक्षण हेतु चिंतन करने का अवसर प्रदान करता है।

राज्य बनने के बाद राज्य आंदोलन का सूत्र वाक्य रहा कोदा झंगौरा खायेंगे उत्तराखंड बनाएंगे नारे को साकार करने के लिए द्वारिका प्रसाद सेमवाल के नेतृत्व में वर्ष 2000 से गढ़भोज अभियान शुरू किया गया। गढ़भोज अभियान ने उत्तराखंड के परंपरागत भोजन को थाली और आर्थिकी का माध्यम बना कर मुख्यधारा से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य किया।

द्वारिका प्रसाद सेमवाल प्रणेता गढ़ भोज अभियान एवं सचिव

हिमालय पर्यावरण जड़ी बूटी एग्रो संस्थान जाड़ी ने बताया कि गढ़ भोज दिवस की शुरुआत हिमालय पर्यावरण जड़ी बूटी एग्रो संस्थान जाड़ी के द्वारा 7 अक्तूबर 2022 से प्रति वर्ष गढ़भोज दिवस के रूप मनाने की परम्परा शुरू की गई थी, वर्ष 2023 में गढ़ भोज दिवस उत्तराखंड और देश के 7 अन्य राज्यो के साथ विदेशों में 15 हजार स्थानों में 20 लाख छात्रों व आम जन ने भाग लिया था।

संस्थान के द्वारा पहली बार वर्ष 2021 को गढ़ भोज वर्ष के रूप में मनाया गया वहीं वर्ष 2022 से सप्ताह के एक दिन गढ़ भोज को मिड डे मील योजना में शामिल करवाया गया। संस्थान के प्रयासों से वर्ष 2014 से सरकारी कार्यक्रमों के साथ साथ गैर सरकारी कैटिनो, होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट , शादी व्याह में गढ़ भोज को शामिल करवाया गया।

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