टारवा आर्ट फेस्टिवल द्वारा भारत से चुनी गईं आशु सात्विका गोयल विश्वभर में एकमात्र कलाकार जिन्हें कलात्मक निदेशक के रूप में हुआ चयन – Latest News Today, Breaking News, Uttarakhand News in Hindi

टारवा आर्ट फेस्टिवल द्वारा भारत से चुनी गईं आशु सात्विका गोयल विश्वभर में एकमात्र कलाकार जिन्हें कलात्मक निदेशक के रूप में हुआ चयन

देहरादून/टारूडांट, मोरक्को

भारतीय कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि के अंतर्गत आशु सात्विका गोयल को मोरक्को के ऐतिहासिक शहर टारूडांट में आयोजित अंतरराष्ट्रीय बाल लोक कला महोत्सव टरवा आर्ट 2025 में कलात्मक निदेशक (Artistic Director) के रूप में चयनित किया गया। वे भारत से चुनी गई एकमात्र प्रतिनिधि रहीं और पूरे विश्व में अकेली कलाकार थीं जिन्हें इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय महोत्सव का निर्देशन करने का दायित्व सौंपा गया।

यह अंतरराष्ट्रीय महोत्सव यूथ एसोसिएशन फॉर कल्चर एंड डेवलपमेंट (YACD) द्वारा आयोजित किया गया। अपने तीसरे संस्करण में आयोजित इस महोत्सव की थीम थी “आज के बच्चे, कल के नेता” (“Today’s Children, Tomorrow’s Leaders.”), जिसका उद्देश्य बच्चों के माध्यम से वैश्विक सांस्कृतिक संवाद, शांति और आपसी समझ को प्रोत्साहित करना रहा।

कलात्मक निदेशक के रूप में, आशु सात्विका गोयल ने महोत्सव की संपूर्ण कलात्मक परिकल्पना, कार्यक्रम संरचना और प्रस्तुति दिशा का नेतृत्व किया।

उन्होंने विभिन्न देशों की सांस्कृतिक विरासत को प्रतिबिंबित करने वाली प्रस्तुतियों का चयन, संयोजन और मार्गदर्शन किया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने बच्चों के लिए एक विशेष रचनात्मक कार्यशाला का संचालन किया, जिसमें युवा कलाकारों को मंच कला का प्रशिक्षण दिया गया तथा अंतिम सामूहिक प्रस्तुतियों का सफल समन्वय किया गया।

महोत्सव में Western Sahara, Morocco, Spain, Poland and Gnaoua से आए बच्चों और कलाकारों ने पारंपरिक एवं लोक प्रस्तुतियों दीं। प्रमुख आकर्षणों में पोलैंड के जीवंत लोक नृत्य, भारत का ऊर्जावान लोकनृत्य भांगड़ा, मोरक्को के Gnaoua संगीत समूह की आध्यात्मिक प्रस्तुतियाँ, स्पेन की रोमांचक सर्कस कला (जगलिंग एवं एरियल एक्रोबेटिक्स), तथा सहारा क्षेत्र का असूफ (डेज़र्ट ब्लूज़) संगीत शामिल रहा, जिसमें पारंपरिक तुआरेग ध्वनियों के साथ ब्लूज़ और रॉक का अनूठा संगम देखने को मिला। इसके साथ ही, मोरक्को की विविध क्षेत्रीय सांस्कृतिक परंपराओं की प्रस्तुतियाँ भी विशेष आकर्षण रहीं।

महोत्सव का एक प्रमुख आकर्षण रहा अंतरराष्ट्रीय बच्चों की संयुक्त प्रस्तुति, जिसमें सहारा, मोरक्को, स्पेन और पोलैंड के बाल कलाकारों ने एक साथ मंच साझा कर एकता, मित्रता और साझा सांस्कृतिक मूल्यों का संदेश दिया। इन प्रस्तुतियों ने केवल कलात्मक सौंदर्य ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक समझ और सहयोग के सेतु का कार्य किया।

महोत्सव की सफलता में उनके समर्पित योगदान, कलात्मक उत्कृष्टता और प्रभावशाली नेतृत्व के लिए सुश्री आशु सात्विका गोयल को YACD द्वारा औपचारिक रूप से सम्मानित किया गया। उन्हें विशेष रूप से भारत-मोरक्को सांस्कृतिक संबंधों को सुद्ध करने और वैश्विक सांस्कृतिक सद्भाव को बढ़ावा देने में उनकी भूमिका के लिए सराहा गया।

यह सम्मान यूथ एसोसिएशन फॉर कल्चर एंड डेवलपमेंट (YACD), टारूडांट द्वारा गहन कृतज्ञता के साथ प्रदान किया गया, जो टरवा आर्ट फेस्टिवल 2025 में अंतरराष्ट्रीय कला सहयोग, सांस्कृतिक कूटनीति और भारतीय कला नेतृत्व की एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में दर्ज हुआ।

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