देहरादून
नववर्ष के स्वागत के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में जनकवि डा. अतुल शर्मा की कविता का कैलेंडर जारी किया गया। 2026 की शुरुआत को लेकर एक नए प्रयोग किया गया है।
इस अवसर पर कैलेंडर का डिजाइन और परिकल्पना में सहयोगी रही कहानीकार रेखा शर्मा व रंजना शर्मा ने बताया कि इस कलेण्डर मे हाथ से बनाई गई एक पेंटिंग के ऊपर डा. शर्मा की कविता छापी गयी है।
इस अवसर पर डॉ.अतुल शर्मा ने कविता के बारे में बताया कि ये कविता उनकी स्वरचित कविता है। कविता की पंक्तियाँ इस प्रकार से हैं ” कविता के दरवाजे / हर आंधी मे/ हमारे अंदर फड़फड़ाते हैं/ कविता के दरवाजे पर ताला नही लगता/ कविता के घर पर नदी भी आ सकती है/ आप भी आ सकते हैं / कविता के घर पर/ दोस्तों मेरी कविता को अपना ही घर समझो” ।
कविता कैलेंडर नये साल की शुरुआत मे तारीखों के साथ जनकवि डा अतुल शर्मा के घर पर पहली जनवरी को वितरित किया गया और इस अभिनव प्रयोग को साझा किया गया।
इस अवसर पर उत्तराखंड आन्दोलन कारी मंच के अध्यक्ष जगमोहन सिह नेगी, प्रदीप कुकरेती, पूर्व राज्य मंत्री रविन्द्र जुगरान,राज्य आन्दोलन कारी राम लाल खंडूरी, गौरव खंडूरी , केशव उनियाल, वरिष्ठ नागरिक सेवा समिति के महासचिव पितांबर लोहानी, ओम प्रकाश नौटियाल, संतन सिह, शेरसिंह राणा सहित पूर्व प्रधानाचार्य प्रदीप डबराल ,कवि पवन रावत
आदि को यह कविता कैलेंडर प्रदान किया गया।
पहली जनवरी को जनकवि डा अतुल शर्मा का जन्म दिन था।
उनके आवास वाणी विहार मे आयोजित कार्यक्रम के दौरान कैलेंडर का विमोचन के वितरित किया गया।
इस अवसर पर डा. अतुल ने बताया कि वे इस तरह के कविता कैलेंडर को पिछले कई वर्षों से प्रकाशित व वितरित करते आ रहे हैं।
ने कहा कि नया साल कविता की गहराई के साथ शुरू होना महत्वपूर्ण कार्य है।