देहरादून/पौड़ी/नैनीताल
पौड़ी जिले के नागदेव क्षेत्र अंतर्गत ग्राम ढांडरी में गुलदार के हमले से लंबे समय से बनी दहशत का अंत कर चिन्हित गुलदार को ढेर कर दिया गया।
विगत नवंबर में एक महिला पर जानलेवा हमले के बाद क्षेत्र में भय और खतरे का माहौल बना हुआ था।
बताते चलें कि 21 नवंबर 2025 को ग्राम ढांडरी निवासी भगवान देवी पर थलदार तोक क्षेत्र में घास काटते समय गुलदार ने हमला कर गंभीर रूप से घायल किया था। घटना के बाद क्षेत्र को मानव-वन्यजीव संघर्ष की संवेदनशील श्रेणी में रखते हुए व्यापक निगरानी एवं सुरक्षा अभियान चलाया जा रहा था।
प्रभागीय वनाधिकारी महातिम यादव ने बताया कि जिला प्रशासन तथा वन विभाग द्वारा गुलदार को सुरक्षित पकड़ने हेतु 5 पिंजरे, 15 ट्रैप कैमरे, 4 लाइव सोलर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए तथा पगचिह्नों के माध्यम से लगातार निगरानी की जा रही थी। गुलदार को ट्रैंक्युलाइज के लिए सिविल सोयम वन प्रभाग पौड़ी, रुद्रप्रयाग वन प्रभाग तथा राजाजी नेशनल पार्क की विशेषज्ञ टीमों का सहयोग लिया गया।
उन्होंने बताया कि उच्च स्तर से प्राप्त अनुमति के क्रम में 8 जनवरी 2026 की रात्रि लगभग 10:15 बजे विभागीय टीम द्वारा ग्राम ढांडरी क्षेत्र में चिन्हित गुलदार को शूट कर पशु चिकित्सकों की टीम द्वारा मृत गुलदार का विधिवत पोस्टमॉर्टम कराया गया। उन्होंने बताया कि मारा गया गुलदार नर था, जिसकी आयु लगभग 10 वर्ष आँकी गयी।
जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने कहा कि जनपद में नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। गुलदार हमले की इस गंभीर घटना के बाद वन विभाग, प्रशासन और विशेषज्ञ टीमों द्वारा सभी वैकल्पिक उपाय अपनाए गए थे।
दूसरी ओर नैनीताल जिले के ओखलकांडा क्षेत्र बढ़ौन वन क्षेत्र में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं से सबक लेते हुए वन विभाग द्वारा स्थानीय जनता की सुरक्षा के लिए दो अनुभवी शिकारियों को तैनात किया गया है।
प्रभागीय वनाधिकारी नैनीताल आकाश गंगवार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, हरीश सिंह धामी, पुत्र स्व. शेर सिंह, निवासी ग्राम देवीधुरा, पोस्ट पटुवाडागर, जिला नैनीताल और विपिन चन्द्र, पुत्र नारायण चन्द्र, निवासी नियर ब्लॉक कार्यालय, मल्लीताल, भीमताल, नैनीताल को मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति में वन विभाग को सहयोग प्रदान करने हेतु नियुक्त किया गया है।
उल्लेखनीय है कि बीते 30 दिसंबर 2025 को बढ़ौन वन क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम चमोली, तहसील धारी, जिला नैनीताल में रेखा देवी पत्नी पान सिंह की वन्यजीव के हमले में मृत्यु हो गई थी। इस दर्दनाक घटना के बाद क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।
वन विभाग के अनुसार, दोनों शिकारी वन क्षेत्राधिकारी, बढ़ौन वन क्षेत्र, हैड़ाखान के निर्देशन में कार्य करेंगे और स्थानीय जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहयोग करेंगे। उनका मुख्य उद्देश्य संभावित हिंसक वन्यजीव की गतिविधियों पर नजर रखना और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई करना होगा।
वन विभाग ने क्षेत्रवासियों से भी अपील की है कि वे सतर्क रहें, अकेले जंगल की ओर न जाएं और किसी भी संदिग्ध वन्यजीव गतिविधि की सूचना तुरंत वन विभाग को दें।