देहरादून/चमोली/गोपेश्वर
श्री नंदा देवी राजजात 2026 की यात्रा को लेकर विवाद की स्थिति पैदा हो गई है। रविवार को श्रीनंदा राजजात समिति की बैठक में यात्रा को स्थगित करने और 2027 में करने को लेकर विवाद की स्थिति पैदा हो गई है।
हालांकि इस 280 किलोमीटर लंबी धार्मिक और ऐतिहासिक नंदा राजजात यात्रा के आयोजन पर आपसी टकराव, सियासत और अहम हावी होता दिख रहा है। इस संबंध में नंदानगर में 484 गावों की महापंचायत की गई है। महापंचायत में कहा गया कि राजजात के संबंध में लिया गया इकतरफा फैसला स्वीकार्य नहीं है।
मां नंदा धाम कुरुड़ को पर्यटन मानचित्र पर उच्च स्थान देने सहित नंदाजात 2026 को लेकर विवाद के बीच नंदा नगर ब्लॉक सभागार में 484 गांव की महापंचायत हुई। मां नंदा सिद्धपीठ कुरुड मंदिर समिति कुरुड से नंदा की बड़ी जात शुरू करने की मांग कर रही है, जिसे लेकर महापंचायत की गई।
बता दें कि रविवार को श्रीनंदा राजजात समिति नौटी ने मुश्किल हालात और बर्फबारी में यात्रियों की सुरक्ष का हवाला देते हुए नंदा राजजात 2026 को स्थगित करने का फैसला किया था, जिसे लेकर विवाद खड़ा हो गया। इस साल मलमास होने के कारण यात्रा सितंबर माह के अंत में समाप्त होने, यात्रा समाप्ति पर बुग्यालों में बर्फ होने, राजजात के पड़ावों पर ढांचागत सुविधा के कार्य नहीं होने और प्रशासन के पुनर्विचार पत्र पर समिति ने इसका फैसला लिया। समिति ने कहा था कि वसंत पंचमी के अवसर पर यात्रा का नया कार्यक्रम जारी किया जाएगा।