देहरादून/पुरोला
पूर्व विधायक मालचंद ने प्रशासन द्वारा लगातार की जा रही जांचों को लेकर आखिरकार पत्रकार वार्ता कर विपक्षियों को लेकर निशाना साधा।
उन्होंने बताया कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से लेकर मेरी बहू के ब्लाक प्रमुख चुने जाने तक सभी दस्तावेजों की अधिकारी दर्जनों बार जांच कर चुके है, इसके बावजूद मेरी बहू और मुझे प्रताड़ित किया जा रहा है। पुरोला के पूर्व विधायक मालचंद ने बुधवार को अपने आवास पर पत्रकारों से वार्ता के दौरान अपनी पीड़ा को जाहिर किया।
मालचंद ने कहा कि मेरी बहू निशिता मायके जौनसार से अनुसूचित जाति परिवार से है। इसी कारण बीडीसी के कुल 22 सदस्यों में से 20 सदस्यों ने उन्हें ब्लॉक प्रमुख चुना। लेकिन, अब मेरे और मेरी बहू पर फर्जी दस्तावेज तैयार करने का आरोप लगाकर पूरे परिवार को चकराता से लेकर पुरोला, देहरादून और नौगांव थाने में मुकदमा दर्ज कर प्रताड़ित किया जा रहा है।
पूर्व विधायक मालचंद ने नाम न लेने की बात कही और कहा कि अपने विरोधियों पर जाति के नाम पर जनता को लड़ाने, विधायक निधि व तमाम विकास कार्यों में स्वंय ठेकेदारी करने का आरोप लगाया।
मालचंद ने कहा कि मैं भविष्य में चुनाव न लड़ सकूं, इसी कारण मेरे विरोधी मुझे अप्रत्यक्ष रूप से प्रताड़ित कर मेरा मनोबल तोड़ना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि मैं जब तक जिंदा हूं तब तक चुनाव लड़कर विरोधियों को टक्कर देता रहूंगा।
मालचंद की पुत्रवधू और ब्लॉक प्रमुख निशिता शाह ने कहा कि जब मैं नाबालिग थी तो उस वक्त यदि किसी अधिकारी ने उनका अनुसूचित जनजाति(ST) का प्रमाण पत्र बना दिया तो इसमें मेरा क्या दोष है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में मैं अनुसूचित जाति(SC)) की बहू हूं। उन्होंने कहा कि मेरे खिलाफ चल रही खबरों और प्रताड़ित करने वालों के खिलाफ मैं मानहानि का मुकदमा करुंगी।
