देहरादून/मसूरी
पहाड़ों की रानी मसूरी में बाबा बुल्ले शाह की 100 साल से अधिक पुरानी मजार में शनिवार देर शाम को अज्ञात लोगों द्वारा तोड़फोड़ की गई है।
बताया जा रहा है कि नजर परिसर में स्थित बाबा बुल्ले शाह की मजार के पास ही मौजूद दो अन्य मजारों को पूरी तरह क्षतिग्रस्त किया गया है। वहीं मजार के दानपात्र को भी क्षतिग्रस्त किया गया है जिससे मामला और भी गंभीर हो गया है।
मामले की सूचना मिलते ही बाबा बुल्ले शाह समिति के सदस्य मौके पर पहुंचे. मजार की हालत देखकर समिति के पदाधिकारियों और अनुयायियों में गहरा रोष और चिंता व्यक्त की है। समिति का कहना है कि यह घटना केवल धार्मिक स्थल को नुकसान पहुंचाने की नहीं, बल्कि मसूरी के शांतिपूर्ण माहौल को बिगाड़ने की साजिश है।
बाबा बुल्ले शाह समिति ने स्पष्ट किया कि यह मजार किसी सरकारी भूमि पर नहीं थी और जांच में सामने आया है कि मजार निजी स्कूल की संपत्ति पर स्थित थी और स्कूल प्रशासन द्वारा वर्षों पूर्व मजार स्थापित करने के लिए स्थान दिया गया था। समिति के अनुसार पूर्व में कुछ संगठनों द्वारा मजार का विरोध किया गया था, लेकिन प्रशासनिक जांच में किसी भी तरह का अतिक्रमण नहीं पाया गया था।
पूर्व पालिका अध्यक्ष मनमोहन मल्ल ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि मसूरी हमेशा से भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द का प्रतीक रही है। इस तरह की हरकतें शहर की छवि को नुकसान पहुंचाने वाली हैं
उन्होंने शासन-प्रशासन से मांग की कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
बाबा बुल्ले शाह समिति के अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने बताया कि अज्ञात लोगों ने योजनाबद्ध तरीके से मजार के स्ट्रक्चर को पूरी तरह नुकसान पहुंचाया है। बाबा बुल्ले शाह की मुख्य मजार के साथ-साथ अन्य दो मजारों को भी ध्वस्त कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर मसूरी कोतवाली में दोबारा शिकायत दर्ज कराई जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है।
बाबा बुल्ले शाह के अनुयायियों ने घटना को लेकर भारी आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि बाबा बुल्ले शाह की दरगाह हमेशा से प्रेम, इंसानियत और भाईचारे का संदेश देती आई है। यहां सभी धर्मों के लोग श्रद्धा के साथ आते हैं और मन्नतें मांगते हैं। अनुयायियों ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों को शीघ्र सजा नहीं दी गई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
एसडीएम मसूरी राहुल आनंद ने बताया कि बाबा बुल्ले शाह की मजार को क्षतिग्रस्त करने को लेकर अभी तक कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है लेकिन फिलहाल मजार के पास पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है,नियम अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
