देहरादून
रविवार को उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच ने वरिष्ठ राज्य राज्य आंदोलनकारी मातृशक्ति आशा बहुगुणा के आवास पर आयोजित चिन्तन बैठक मॆं प्रतिभाग किया।
बैठक मॆं संसद मॆं पर्चे फेंकने वाली वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी आशा बहुगुणा एवं वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी पूर्व बाल संरक्षण आयोग की पूर्व अध्यक्ष उषा नेगी के साथ वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी लक्ष्मी गुसांई ने संयुक्त बयान मॆं कहा क़ि राज्य आंदोलन के दौर की बातें स्मरण की ही उस दौर मॆं राज्य को लेकर क्या सपने थे जो आज भी राज्य बनने के बाद भी राज्य आंदोलनकारियों को सड़क पर उतरना पड़ता हैं आखिर क्यों ?
उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच के अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी एवं वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी राजेश्वरी परमार के साथ सयुंक्त परिषद के नवनीत गुसांई एवं आंदोलनकारी कर्मचारी परिषद के संतन सिंह रावत ने कहा क़ि आज 25-वर्षों के बाद गहन चिन्तन कर समीक्षा कर भविष्य की रणनीति पर विचार करना ही होगा अन्यथा प्रदेश मॆं जिस प्रकार डेमोग्राफी एवं भ्रष्टाचार के साथ पलायन ज्यादा सोचनीय प्रश्न खड़ा हैं।
अन्त मॆं सभी की इस निर्णय पर सहमति बनी क़ि जल्द इस बैठक का दायरा बढ़ाया जायेगा और उस दौर के पुराने लोगो एक जुट करने की पहल कर राज्य को बचाने को संघर्ष किया जायेगा।
बैठक के अन्त मॆं मंच के प्रवक्ता प्रदीप कुकरेती ने बताया क़ि सोमवार को गणतंत्र दिवस पर सूचना विभाग द्वारा जिला प्रशासन के माध्यम से सभी ई निमंत्रण पत्र भेजा जा रहा हैं। जिला प्रशासनिक अधिकारी राजेश कपिल ने व्यक्तिगत रूप से कहा साथ ही SDM सदर द्वारा दूरभाष पर कहा क़ि यदि जिन आंदोलनकारियों को ई निमंत्रण नहीं मिलें वह अपना परिचय पत्र दिखाकर सादर यमुना पंडाल मॆं प्रवेश करेंगे।
कोर बैठक मॆं वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी आशा बहुगुणा , उषा नेगी , विजय लक्ष्मी गुसांई , राजेश्वरी परमार , जगमोहन सिंह नेगी , संतन सिंह रावत , नवनीत गुसांई , रामलाल खंडूड़ी , प्रदीप कुकरेती , सुरेश शर्मा आदि मुख्यरूप से शामिल हुये।

