एशिया के सबसे बड़े टिहरी बांध की झील में अंतरराष्ट्रीय एक्रो फेस्टिवल 2026 शुरू, विश्व के 11 देशों से आए 57 खिलाड़ी कर रहे रोमांचक एक्रोबेटिक एवं साहसिक खेल में प्रतिभाग

देहरादून/टिहरी

एशिया के सबसे बड़े बांधों में शुमार टिहरी बांध की झील के मनोरम तट पर स्थित कोटी कॉलोनी में अंतरराष्ट्रीय एक्रो फेस्टिवल 2026 का आगाज हो गया है। जिसमें विश्व के 11 देशों से आए 57 प्रतिभागी खिलाड़ी अपनी रोमांचक एक्रोबेटिक एवं साहसिक खेल प्रतिभाओं का प्रदर्शन कर रहे हैं। एक्रो फेस्टिवल के जरिए एरियल सिल्क, एरियल हूप, स्लैकलाइन, पैरा संबंधित एक्रोबेटिक खेलों समेत विभिन्न रोमांचक गतिविधियों का प्रदर्शन किया जा रहा है, जिन्हें देखने के लिए काफी संख्या में स्थानीय लोग और पर्यटक पहुंच रहे हैं।

टिहरी एक्रो फेस्टिवल एवं नेशनल एसआईवी चैंपियनशिप 2026 का उद्देश्य टिहरी झील को अंतरराष्ट्रीय साहसिक खेल पर्यटन के मानचित्र पर स्थापित करना है। अंतरराष्ट्रीय एक्रो फेस्टिवल के आयोजन से टिहरी जिले में पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है। आगामी दिनों में यहां आयोजित होने वाली प्रतियोगिताएं और प्रदर्शन रोमांच प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बने रहेंगे।

इस फेस्टिवल का शुभारंभ टिहरी विधायक किशोर उपाध्याय और जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल ने संयुक्त रूप से किया।

उद्घाटन समारोह में विधायक किशोर उपाध्याय ने कहा कि ‘टिहरी झील साहसिक खेलों के लिए अपार संभावनाओं से भरपूर है, ऐसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों से न केवल क्षेत्र की पहचान वैश्विक स्तर पर बनेगी। बल्कि, स्थानीय युवाओं को रोजगार के साथ स्वरोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे।

आज अगर यहां पर इतने बड़े स्तर के खेलों का आयोजन हो रहा है तो इसमें टिहरी के लोगों का बड़ा योगदान है. क्योंकि, यहां के लोगों ने अपनी विरासत को न्यौछावर करके इतना बड़ा शहर झील में समाया है। सबसे अच्छी बात ये है कि स्थानीय युवाओं को यहां पर मौका मिल रहा है।

– किशोर उपाध्याय, विधायक, टिहरी

जिला प्रशासन की ओर से आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। टिहरी झील ऐतिहासिक है. यहां 2026 में अंतरराष्ट्रीय एक्रो फेस्टिवल हो रहा है, जिसको आगे बढ़ाने का काम हम सबका है।

-नितिका खंडेलवाल, जिलाधिकारी, टिहरी

मैं पिछले 6 सालों से पैराग्लाइडिंग कर रही हूं. मैं यहां आने के लिए बहुत उत्साहित थी। यहां आकर बहुत अच्छा लग रहा है। मैं आगामी सालों में भी इस तरह के खेलों में शामिल होना चाहती हूं।

– फिलिन, तुर्की की महिला पैराग्लाइडर

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