देहरादून/चकराता
चकराता वन प्रभाग द्वारा केंद्रीय राज्य वन सेवा अकादमी (CASFOS), देहरादून के सहयोग से ‘वनाग्नि संरक्षण’ विषय कर एक तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन दिनांक 4 से 6 फरवरी 2026 तक किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में राज्य आपदा मोचन बल (SDRF), अग्निशमन सेवा, राजस्व विभाग एवं वन विभाग के कुल 30 प्रतिभागी अधिकारी एवं कर्मचारी भाग ले रहे हैं।
कार्यक्रम का उद्घाटन श्री सुशांत पहनायक, मुख्य वन संख्क्षक (वनाग्नि), उत्तराखंड वन विभाग द्वारा किया गया।
उद्घाटन सत्र में उन्होंने बनाग्नि को राज्य की एक गंभीर पर्यावरणीय एवं आपदा प्रबंधन चुनीती मत्ताते हुए विभिन्न विभागों के मीन समन्धित, त्वरित एवं संगतित प्रतिक्रिया तत्र विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बनाग्नि जैसी कापदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने हेतु विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय, साझा समझ एवं संयुक्त कार्यप्रणाली विकसित करना है।
प्रशिक्षण के दौरान उत्तरायड के वन प्रकार, वनाग्नि की स्थिति एप व्यवहार, वनाग्नि के प्रकार एवं इंधन, गनाग्नि रोकथाम एवं न्यूनीकरण तकनीकें, अग्नि सुरक्षा उपाय, आधुनिक अग्निशमन उपकरणों का प्रदर्शन तथा मैदानी भ्रमण के माध्यम से फायर लाइन निर्माण एवं नियंत्रण उपायों पर व्याख्यान एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
सकराता गन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी वैनन कुमार सिंह, भावरों ने मताया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम मैदानी स्तर पर विभागों के नीच आपसी समन्यग को सुदृढ करते है और चन एवं जानसुरक्षा के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।
