यूपी पुलिस द्वारा हरिद्वार से ले जा रहे वांछित आरोपी को छुड़ाने के लिए उसके पुत्र और उसके सहयोगियों ने किया जानलेवा हमला, तीन आरोपी गिरफ्तार

देहरादून/हरिद्वार

जिले में एक सनसनीखेज मामले में अपराधियों ने कानून व्यवस्था को खुली चुनौती देने का काम।किया है। हरिद्वार से सामने आए मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए एक वांछित आरोपी को छुड़ाने के लिए उसके पुत्र व साथियों ने पुलिस टीम पर जानलेवा हमला कर दिया। हमले में पुलिस की गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि कई पुलिसकर्मियों को चोटें आई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, देर रात थाना छपार, जनपद मुजफ्फरनगर में तैनात उप निरीक्षक अनुराग सिंह अपनी पुलिस टीम के साथ धोखाधड़ी के मामले में वांछित अभियुक्त संजय पुत्र राजपाल को ज्वालापुर स्थित उसके आवास से गिरफ्तार कर हाईवे के रास्ते मुजफ्फरनगर की ओर जा रहे थे, तभी ईशांत की थार और एक काले रंग की स्कॉर्पियो उनका पीछा करने लगी। भूमानंद अस्पताल के पास आरोपियों ने पुलिस की गाड़ी को जोरदार टक्कर मार दी। आरोप है कि इसके बाद भी बार-बार पुलिस वाहन को टक्कर मारी गई।

इन गाड़ियों में शिवम पुत्र अनुज मलिक, अनुज मलिक पुत्र जगत सिंह, कुणाल त्यागी, अमन, अनिरुद्ध समेत कई अज्ञात लोग सवार थे। आरोपियों ने संजय के कहने पर न केवल पुलिस के सरकारी कार्य में बाधा डाली, बल्कि पुलिसकर्मियों को जान से मारने की कोशिश की। इस हमले में दरोगा अनुराग सिंह, महिला सिपाही प्राची और सिपाही अनिल कुमार घायल हो गए।

न्यायालय ले जा रहे थे। इसी दौरान भूमानंद अस्पताल के समीप अभियुक्त के पुत्र ईशान्त ने अपने सहयोगियों के साथ स्कॉर्पियो और थार जैसे कई वाहनों से पुलिस वाहन का पीछा करते हुए उसे टक्कर मार दी गई।

घटना की सूचना मिलते ही ज्वालापुर पुलिस मौके पर पहुंची और तत्परता दिखाते हुए गुरुवार तड़के तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त वाहनों को भी कब्जे में ले लिया है। इस हमले को सरकारी कार्य में बाधा और पुलिस पर जानलेवा हमले के रूप में लेते हुए गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

ज्वालापुर कोतवाली प्रभारी कुंदन सिंह राणा ने बताया कि इस मामले में आरोपी संजय, ईशांत, शिवम मलिक, अमन, अनिरुद्ध, कुणाल त्यागी और अनुज मलिक समेत चार अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों पर जान से मारने का प्रयास, सरकारी कार्य में बाधा, पुलिस पर हमला समेत अन्य गंभीर धाराएं लगाई गई हैं।

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