बुजुर्ग दंपत्ति के घर में ननद भाभी ने आइटीबीपी कॉस्टेबल के साथ फर्जी ED अधिकारी बन की रेड, लाखों की लूट,पुलिस दोनो महिलाएं की गिरफ्तार,मुख्य आरोपी फरार – Latest News Today, Breaking News, Uttarakhand News in Hindi

बुजुर्ग दंपत्ति के घर में ननद भाभी ने आइटीबीपी कॉस्टेबल के साथ फर्जी ED अधिकारी बन की रेड, लाखों की लूट,पुलिस दोनो महिलाएं की गिरफ्तार,मुख्य आरोपी फरार

देहरादून

न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी इलाके में बुजुर्ग दंपति के घर फर्जी ईडी रेड की सनसनीखेज साजिश का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है।

इस मामले में घरेलू सहायिका रेखा देवी (मूल निवासी चमोली, उत्तराखंड) और उसकी ननद पूजा राजपूत को गिरफ्तार किया गया है। दोनों पिछले दो वर्षों से घरेलू कामकाज के बहाने परिवार की दिनचर्या और आर्थिक स्थिति पर नजर रख रही थीं।

घटना बीती 11 फरवरी की है, जब 13 फरवरी को पुलिस को सूचना दी गई। तीन लोग खुद को प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारी बताकर घर में दाखिल हुए और ‘रेड’ के नाम पर नकदी, ज्वेलरी और महंगी घड़ियां टेबल पर जमा करवा लीं।

इसी दौरान घर की बुजुर्ग सदस्य ऊषा सबरवाल, जो पूर्व चिकित्सक हैं, ने सूझबूझ दिखाते हुए छिपकर अपने पोते कुणाल सबरवाल (ईडी में वकील) को फोन कर दिया।

कुणाल ने तुरंत स्पष्ट किया कि ऐसी कोई आधिकारिक कार्रवाई नहीं चल रही है। शोर-शराबा बढ़ता देख नकली अधिकारी करीब चार लाख रुपये और 6-7 महंगी घड़ियां लेकर फरार हो गए।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने करीब 350 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच में एक नीली बलेनो कार संदिग्ध रूप से न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी से बाहर निकलती दिखी। वाहन की ट्रैकिंग करते-करते टीम वैशाली सेक्टर-4 पहुंची, जहां संदेह घरेलू सहायिका रेखा देवी पर गया।

छापेमारी में पुलिस ने रेखा देवी और पूजा राजपूत को गिरफ्तार कर लिया।

मौके से पुलिस टीम को बरामद हुआ…

नकदी

6-7 कीमती घड़ियां

एक पिस्टल

भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के डिप्टी कमांडेंट की फर्जी यूनिफॉर्म और आईडी कार्ड।

जांच में सामने आया कि फर्जी रेड की योजना रेखा और पूजा ने मिलकर बनाई थी। वारदात को अंजाम देने वाला मुख्य आरोपी प्रकाश कुमार, जो ITBP में कांस्टेबल बताया जा रहा है, फिलहाल फरार है। उसकी तलाश में दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं।

पुलिस के अनुसार, दो वर्षों तक घर में काम करने के दौरान रेखा ने परिवार की वित्तीय स्थिति, घर की सुरक्षा व्यवस्था और दिनचर्या की पूरी जानकारी जुटाई और उसी आधार पर इस सुनियोजित फर्जी रेड को अंजाम दिया गया।

यह मामला न सिर्फ राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि घरेलू कर्मचारियों के सत्यापन और सतर्कता की आवश्यकता को भी रेखांकित करता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *