देहरादून
मुख्यमंत्री,उत्तराखण्ड सरकार द्वारा जनपद देहरादून में जिला प्रशासन के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट “आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर” का राज्य सरकार के चार वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विधिवत लोकार्पण कर इसे जनमानस को समर्पित किया गया।
साधुराम इन्टर कालेज राजा रोड देहरादून में लगभग 157.60 लाख रुपये की लागत से निर्मित यह केंद्र राज्य का पहला आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर है, जिसका उद्देश्य भिक्षावृत्ति एवं बालश्रम में संलिप्त बच्चों का पुनर्वास कर उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है।
जिला प्रशासन के आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर में रेस्क्यू किए गए बच्चों के समग्र विकास हेतु योग, संगीत, खेलकूद एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से उनके मानसिक एवं व्यवहारिक सुधार (माइंड रिफॉर्म) पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिला प्रशासन का आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर एक गेम चैंजर संस्थान के रूप में उभर कर सामने आया है जहां जिला प्रशासन की टीम द्वारा अब तक 325 से अधिक बच्चों को बाल भिक्षावृत्ति एवं बालश्रम से रेस्क्यू किया गया है। तथा आधुनिक इंटेसिव केंद्र के माध्यम से अब तक 200 से अधिक बच्चों का विद्यालयों में नामांकन कराया जा चुका है, जो इस पहल की सफलता को दर्शाता है।
भिक्षावृत्ति एवं बालश्रम उन्मूलन के लिए जिला प्रशासन द्वारा एक विशेष अंतरविभागीय टीम का गठन किया गया है, जिसमें होमगार्ड, चाइल्ड हेल्पलाइन, शिक्षा विभाग, श्रम विभाग, पुलिस विभाग तथा विभिन्न गैर-सरकारी संस्थाओं को शामिल किया गया है। यह टीम निरंतर समन्वय स्थापित कर रेस्क्यू अभियान को प्रभावी रूप से संचालित कर रही है।
शहर में भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चों की पहचान एवं त्वरित रेस्क्यू हेतु 3 विशेष रेस्क्यू वाहनों को तैनात किये गए हैं, जो नियमित पेट्रोलिंग कर अभियान को गति दे रहे हैं। इसके अतिरिक्त प्रमुख चौराहों एवं संवेदनशील स्थलों पर 16 होमगार्ड कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की गई है, ताकि बच्चों को तत्काल सुरक्षित स्थान पर लाया जा सके।
जिलाधिकारी ने जिले का कार्यभार ग्रहण करने के पश्चात इस परियोजना को प्राथमिकता देते हुए शीघ्रता से इसकी नींव रखी तथा मा0 मुख्यमंत्री ने दिसम्बर 2024 में आधुनिक इंटेंसिवकेयर सेंटर का शिलान्यास किया। जिला प्रशासन ने इस सेंटर का संचालन प्रारंभ कराया। वर्तमान में यह केंद्र अपने सुसज्जित भवन एवं आधुनिक संसाधनों के साथ संचालित हो रहा है, जहां बालश्रम एवं भिक्षावृत्ति से रेस्क्यू किए गए बच्चों को सुरक्षित वातावरण में शिक्षा एवं पुनर्वास की सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। जिला प्रशासन का यह अभिनव प्रयास न केवल भिक्षावृत्ति एवं बालश्रम उन्मूलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि समाज के वंचित वर्ग के बच्चों को एक नई दिशा और बेहतर भविष्य प्रदान करने की दिशा में भी मील का पत्थर साबित हो रहा है।


