UCOST देहरादून के सहयोग और माइक्रोबायोलॉजिस्ट सोसाइटी, इंडिया द्वारा आयोजित “बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR)” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन संपन्न

देहरादून

उत्तराखंड विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (UCOST), देहरादून के सहयोग से तथा माइक्रोबायोलॉजिस्ट सोसाइटी, इंडिया द्वारा दिनांक 28 एवं 30 मार्च 2026 को “बौद्धिक संपदा अधिकार (Intellectual Property Rights – IPR)” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस सम्मेलन का उद्देश्य शोध, नवाचार एवं उद्योग में IPR के महत्व को उजागर करना रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ 28 मार्च को दीप प्रज्वलन एवं स्वागत संबोधन के साथ हुआ, जिसमें विभिन्न गणमान्य अतिथियों एवं वैज्ञानिकों ने सहभागिता की। उद्घाटन सत्र में कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की गई।

प्रथम दिवस के तकनीकी सत्रों में IPR से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान प्रस्तुत किए गए। हिमांशु गोयल (Scientist-II, PIC, UCOST) ने “Fundamentals of Intellectual Property Rights” विषय पर व्याख्यान देते हुए पेटेंट, कॉपीराइट, ट्रेडमार्क एवं GI के महत्व को स्पष्ट किया। इसके पश्चात डॉ. बृज मोहन शर्मा ने IPR के व्यावहारिक एवं पर्यावरणीय दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला।

डॉ. अंकिता सिंह (Deputy Director, CRIS DNA Labs) ने “MRNA Vaccine Technology में Intellectual Property” विषय पर व्याख्यान दिया, जिसमें COVID-19 के संदर्भ में लाइसेंसिंग एवं ओपन साइंस की भूमिका पर चर्चा की गई। वहीं मनीष परिहार ने “Global vs Indian Perception on Drug Patent Laws” विषय पर अपने विचार साझा किए।

द्वितीय दिवस (30 मार्च) को रितिक डोगरा द्वारा “Grey Goo Theory: Myth vs Real Risk in Monoclonal Nanotechnology” विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया गया। इसके अतिरिक्त UG एवं PG छात्रों द्वारा शोध कार्यों की मौखिक प्रस्तुतियाँ (Oral Presentations) भी की गईं, जिससे विद्यार्थियों को अपने शोध कौशल प्रदर्शित करने का अवसर प्राप्त हुआ।

कार्यक्रम का समापन वैलिडिक्टरी सत्र एवं धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस अवसर पर आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों, वक्ताओं एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।

सम्मेलन में Shobhit University, Graphic Era University, Mewar University, PLMS College, University of Lucknow, जालंधर क्षेत्र के विभिन्न संस्थानों तथा Bareilly College से छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

ओरल प्रेजेंटेशन के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।

यह सम्मेलन शोधकर्ताओं, छात्रों एवं शिक्षाविदों के लिए अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक सिद्ध हुआ, जिसने IPR के क्षेत्र में जागरूकता एवं समझ को बढ़ावा दिया।

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