देहरादून/नैनीताल
जिले में गुलदार का खौफ लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार दोपहर भीमताल ब्लॉक के ज्योली गांव में एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां जंगल में घास काटने गई 47 वर्षीय महिला पर गुलदार ने हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है, वहीं ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।
जानकारी के अनुसार, ज्योली गांव निवासी हेमा पांडेय (47), पत्नी दया किशन पांडेय, बुधवार दोपहर गांव की अन्य महिलाओं के साथ पशुओं के लिए चारा लेने जंगल गई थीं। इसी दौरान झाड़ियों में घात लगाए बैठे गुलदार ने अचानक उन पर हमला कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमला इतना अचानक था कि महिला को संभलने का मौका तक नहीं मिला। गुलदार उन्हें पकड़कर घसीटते हुए घने जंगल की ओर ले गया। साथ मौजूद महिलाओं ने शोर मचाकर गांव वालों को सूचना दी, जिसके बाद ग्रामीण मौके की ओर दौड़े, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
घटना के बाद ग्रामीणों ने करीब दो घंटे तक जंगल में महिला की तलाश की। आखिरकार गांव से लगभग दो किलोमीटर दूर हेमा पांडेय का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। सूचना मिलने पर वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की।
19 दिनों में दूसरी घटना से बढ़ा डर
गौरतलब है कि इससे पहले 3 अप्रैल को भी भीमताल ब्लॉक के सूर्या जाला गांव में गुलदार ने हंसी देवी नाम की महिला को अपना शिकार बनाया था। महज 19 दिनों के भीतर दूसरी घटना होने से ग्रामीणों में भय का माहौल गहरा गया है। लोग अब अकेले जंगल जाने से कतरा रहे हैं।
ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, विभाग पर लापरवाही का आरोप
घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि लगातार हो रही घटनाओं के बावजूद विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए, जिससे गुलदार अब आबादी के करीब तक पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों ने जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग की है।
प्रशासन हरकत में, गश्त बढ़ी और पिंजरा लगाने की तैयारी
घटना की सूचना मिलते ही भीमताल ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश बिष्ट मौके पर पहुंचे और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। वन विभाग ने क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है और गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रशासन ने पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन भी दिया है।