देहरादून,
उत्तराखंड में पश्चिमी विक्षोभ पुनः सक्रिय हो गया है, जिसके कारण
से 10 जून से ही प्रदेश के मौसम का मिजाज बदलना शुरू हो गया है। पहाड़ और मैदान समेत कई क्षेत्रों में रुक-रुक कर बारिश का दौर शुरू जारी है। आगामी दो दिनों के दौरान मौसम विभाग ने
प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश, आकाशीय बिजली, ओलावृष्टि और तेज हवाओं की संभावना जताई है। इस स्थिति को देख मौसम विभाग ने 11 और 12 जून के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है। जबकि राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी जिलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
बुधवार देर शाम तक प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में अच्छी वर्षा दर्ज की गई। कांडा में 59 मिमी, बागेश्वर में 45 मिमी, डंगोली में 30 मिमी, द्वाराहाट में 28 मिमी तथा बैरीनाग में 26 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा कुमाऊं और गढ़वाल मंडल के अनेक इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। मौसम विज्ञान केंद्र के तात्कालिक पूर्वानुमान के अनुसार अगले कुछ घंटों के दौरान भी प्रदेश के अधिकांश जनपदों में हल्की से मध्यम वर्षा जारी रहने की संभावना है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग, देहरादून द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार 11 जून को देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, नैनीताल, पिथौरागढ़, ऊधमसिंहनगर तथा चंपावत जनपदों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने, ओलावृष्टि होने तथा 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर तेज बारिश के दौर भी देखने को मिल सकते हैं। खराब मौसम के दौरान दृश्यता कम होने तथा तेज हवाओं के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।
मौसम विभाग ने राज्य के शेष जनपदों में भी मौसम खराब रहने की संभावना जताई है। इन जिलों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने तथा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है। इसके मद्देनजर येलो अलर्ट जारी किया गया है।
विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले क्षेत्रों, ऊंचे पेड़ों तथा बिजली के खंभों के आसपास जाने से बचने की अपील की है।
मौसम विभाग के अनुसार 12 जून को भी मौसम के तेवर नरम पड़ने के आसार नहीं हैं। देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, नैनीताल, ऊधमसिंहनगर तथा चंपावत जिलों में गर्जन, आकाशीय बिजली, ओलावृष्टि और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना बनी हुई है। इन जनपदों के लिए भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
इसके अतिरिक्त राज्य के शेष जिलों में येलो अलर्ट प्रभावी रहेगा। मौसम विभाग ने विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों में कहीं-कहीं वर्षा के तीव्र से अति तीव्र दौर होने की संभावना व्यक्त की है। ऐसे क्षेत्रों में भूस्खलन, चट्टान गिरने तथा छोटे नालों और गधेरों के उफान पर आने का खतरा बढ़ सकता है।
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी जिलाधिकारियों को आवश्यक एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। सभी विभागों को अलर्ट मोड में रहने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
आपदा प्रबंधन की आईआरएस प्रणाली के अंतर्गत नामित अधिकारियों और विभागीय नोडल अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। साथ ही सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय बनाए रखने और किसी भी आपदा की स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने पर्वतीय जिलों में ट्रेकिंग गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखने को कहा है। बरसात की अवधि के दौरान जोखिम वाले ट्रेकिंग मार्गों पर जाने वाले पर्यटकों और ट्रेकर्स को अनुमति देने में सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मौसम खराब होने की आशंका को देखते हुए पर्यटकों के आवागमन पर विशेष नजर रखने को कहा गया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई, बीआरओ, एडीबी, विश्व बैंक परियोजनाओं तथा अन्य निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी मोटर मार्ग के बाधित होने की स्थिति में उसे तत्काल खोलना सुनिश्चित किया जाए।
संभावित भूस्खलन और मलबा आने की घटनाओं को देखते हुए मशीनरी और कर्मचारियों को पहले से तैयार रखने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
समस्त राजस्व उपनिरीक्षकों, ग्राम विकास अधिकारियों तथा ग्राम पंचायत अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में मौजूद रहने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं सभी चौकियों और थानों को आपदा प्रबंधन उपकरणों एवं वायरलेस संचार व्यवस्था के साथ पूरी तरह सक्रिय रखने को कहा गया है।
सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने मोबाइल फोन चालू रखने तथा किसी भी आपात सूचना पर तत्काल प्रतिक्रिया देने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।
जिलाधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि यदि कहीं लोग फंसते हैं तो उनके लिए खाद्य सामग्री, पेयजल और चिकित्सा सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विद्यालयों को भी आवश्यक सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी जिला सूचना अधिकारियों को निर्देशित किया है कि मौसम विभाग की चेतावनियों और प्रशासनिक एडवाइजरी का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। इसके लिए प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया के माध्यम से आमजन तक समय पर सूचना पहुंचाना सुनिश्चित किया जाएगा।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल मौसम विभाग तथा प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
