देहरादून/ ऋषिकेश
इन दिनों जारी चारधाम यात्रा के साथ वीकेंड की छुट्टियां और गंगा आरती का आकर्षण ऋषिकेश को पर्यटकों और श्रद्धालुओं से भर देता है। मुनिकीरेती क्षेत्र के नीम बीच और विश्वप्रसिद्ध त्रिवेणी घाट पर सुबह से उमड़ती भीड़ थामने का नाम ही नहीं लेती।
लगातार हो रही बारिश की वजह से गंगा का जलस्तर पल-पल बदलता है। पहाड़ों से आने वाला पानी बहाव को अचानक कई गुना तेज कर देता है।
जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए एसडीआरएफ की टीमें संवेदनशील घाटों पर 24×7 तैनात कर दी गई हैं। जवान दूरबीन, लाइफ जैकेट, रस्सों और मोटरबोट के साथ हर गतिविधि पर नजर रख रहे हैं।
लाउडस्पीकर से लगातार अनाउंसमेंट कर लोगों को किनारे से दूर रहने को कहा जा रहा है।
नदी में नहाने, सेल्फी लेने या रील बनाने के लिए भी पानी में न उतरें, सुरक्षा के लिए लगाई गई रस्सियों और जालियों को पार न करें,
घाट की सीढ़ियों से दूर सुरक्षित जगह बैठाएं,
बादल दिखते ही घाट खाली कर दें, और ऊपर पहाड़ों में बारिश का मतलब है अचानक बाढ़। एसडीआरएफ और पुलिस के निर्देशों का तुरंत पालन करें
एसडीआरएफ कमांडेंट ने आमजन से अपील करते हुए दिया संदेश…..
“गंगा माँ के दर्शन कीजिए, आशीर्वाद लीजिए, पर जान जोखिम में डालकर नहीं। एक सेल्फी की कीमत जिंदगी नहीं हो सकती। हम आपकी सुरक्षा के लिए यहां हैं।
कृपया सहयोग करें और सुरक्षित स्थानों पर ही रहें।”
अगर आप ऋषिकेश प्लान कर रहे हैं तो गंगा आरती का आनंद घाट की ऊपरी सीढ़ियों से लें।
राफ्टिंग केवल अधिकृत संचालकों के साथ और लाइफ जैकेट पहनकर ही करें। आपात स्थिति में तुरंत 112 या नजदीकी एसडीआरएफ जवान को सूचित करें। याद रखें, सतर्कता ही सुरक्षा है। आपकी यात्रा मंगलमय हो, पर सुरक्षित हो।