*OMG*-“Uttarakhand_police-112” नाम से बनाई फर्जी इंस्टाग्राम ID, IPS की बावर्दी एआई/डीप फेक से फोटो सोशल मीडिया पर की पोस्ट,अब आया दून पुलिस की पकड़ में जेल की खाएगा हवा

देहरादून

मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड के देवभूमि उत्तराखण्ड को अपराध मुक्त बनाये रखने के मिशन के अन्तर्गत पुलिस महानिदेशक, उत्तराखण्ड, दीपम सेठ के दिशा निर्देशन में अजय सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ उत्तराखण्ड द्वारा साइबर अपराध पीड़ितो को त्वरित न्याय दिलाने/सोशल मीडिया पर भ्रामक संदेश प्रसारित करने तथा अपराधिक घटना में संलिप्त साइबर अपराधियों पर प्रभावी कार्यवाही के निर्देश निर्गत किये गये हैं।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ, अजय सिंह द्वारा जानकारी दी गई कि अज्ञात व्यक्ति इंस्टाग्राम पर लोक सेवक उत्तराखण्ड पुलिस का प्रतिरूपण कर, फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट संचालित करते हुये एआई/डीप फेक तकनीक का दुरुपयोग कर भ्रामक सामग्री प्रसारित कर रहा है जिस पर साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन देहरादून पर मु0अ0सं0 37/2026 धारा 204/221/336/356 बीएनएस एवं धारा 66(सी) आईटी एक्ट का अभियोग पंजीकृत किया गया

प्रकरण की गम्भीरता के दृष्टिगत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एस0टी0एफ0 उत्तराखण्ड द्वारा अभियोग के शीघ्र अनावरण हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये । साईबर क्राईम पुलिस द्वारा सर्विस प्रदाता कम्पनियों, मेटा आदि से पत्राचार कर डेटा प्राप्त किया गया। प्राप्त डेटा के विश्लेषण से अभियुक्त को चिन्ह्ति करते हुये दिनांक 24-06-2026 को क्लेमेन्टाउन क्षेत्र में दबिश देकर एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया।

पूछताछ में अभियुक्त ने स्वीकार किया कि उसने “Uttarakhand_police__112” नाम से फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाकर संचालित की तथा उत्तराखण्ड पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी की फोटो का एआई/डीप फेक तकनीक के माध्यम से परिवर्तित वीडियो तैयार कर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। अभियुक्त ने यह भी स्वीकार किया कि वह पुलिस की वर्दी पहनकर फोटो एवं वीडियो बनाकर लोगों पर प्रभाव जमाने तथा सोशल मीडिया पर लोकप्रियता एवं आर्थिक लाभ प्राप्त करने का प्रयास करता था।

अभियुक्त के कब्जे से एक मोबाइल फोन बरामद हुआ, जिसमें उक्त फर्जी इंस्टाग्राम आईडी लॉग-इन पाई गई। मोबाइल की जांच में एआई जनरेटेड वीडियो, पुलिस वर्दी में अभियुक्त की फोटो तथा फर्जी पुलिस पहचान पत्र की फोटो प्राप्त हुई। अभियुक्त के घर से उत्तराखण्ड पुलिस पैटर्न से मिलते-जुलते वस्त्र एवं अन्य सामग्री भी बरामद की गई।

अभियुक्त द्वारा लोक सेवक उत्तराखण्ड पुलिस का प्रतिरूपण करने, फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट संचालित करने एवं एआई तकनीक का दुरुपयोग कर भ्रामक सामग्री प्रसारित करने के संबंध में पर्याप्त साक्ष्य प्राप्त होने पर उसे विधिक प्रावधानों के अंतर्गत गिरफ्तार किया गया। बरामद सामग्री को नियमानुसार सीज कर अग्रिम विवेचनात्मक कार्यवाही की जा रही है।

*गिरफ्तार अभियुक्त-*

लुकमान मलिक पुत्र इकबाल मलिक निवासी मोरोवाला, क्लेमेन्टाउन, देहरादून, उम्र 20 वर्ष

*पुलिस टीम-*

• निरीक्षक त्रिभुवन रौतेला

• उपनिरीक्षक रमन बिष्ट

• अपर उ0नि0 सुमेर सिंह

• कांस्टेबल अजय भण्डारी।

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