देहरादून
उत्तराखंड के हरिद्वार नगर निगम के बहुचर्चित 54 करोड़ रुपये के भूमि घोटाले में विजिलेंस ने अब जांच को निर्णायक चरण में पहुंचाते हुए शुक्रवार को एक साथ पांच शहरों में व्यापक छापेमारी की गई है।
प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सख्त निर्देशों के बाद विजिलेंस की अलग-अलग टीमों ने देहरादून, दिल्ली, लखनऊ, कनखल (हरिद्वार) और रुद्रप्रयाग में घोटाले से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य संदिग्ध व्यक्तियों के ठिकानों पर दबिश देकर दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की गहन पड़ताल शुरू कर दी।
गुरुवार को मामले में संबंधित अधिकारियों,कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के ठीक अगले दिन बाद हुई इस कार्रवाई को जांच का एक काफी बड़ा कदम समझा जा सकता है। विजिलेंस की टीमें जमीन खरीद से जुड़ी फाइलें, भुगतान प्रक्रिया, बैंक लेनदेन, संपत्ति के दस्तावेज और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड वगैरह की बारीकी से जांच कर रही हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विजिलेंस की छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण कब्जे में ले लिए हैं। जिंनकी जांच से घोटाले के अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आने की संभावना है। लेकिन इससे ये जरूर माना जा सकता है कि आने वाला समय जांच का दायरे को और अधिक बढ़ाया जा सकता है।