भारत सरकार ने अभी मंत्रालयों को दिए अपने परिसर से आवारा कुत्तों को 30 जून 2026 तक हटाने का आदेश,सुप्रीम कोर्ट कुत्तों के काटने की बढ़ती संख्या को देख दे चुकी है पहले ही निर्देश – Latest News Today, Breaking News, Uttarakhand News in Hindi

भारत सरकार ने अभी मंत्रालयों को दिए अपने परिसर से आवारा कुत्तों को 30 जून 2026 तक हटाने का आदेश,सुप्रीम कोर्ट कुत्तों के काटने की बढ़ती संख्या को देख दे चुकी है पहले ही निर्देश

देहरादून/दिल्ली

सरकार ने सभी मंत्रालयों को अपने परिसरों से आवारा कुत्तों को हटाने का आदेश दिया, 30 जून की समय-सीमा निर्धारित

केंद्र सरकार ने सभी मंत्रालयों को निर्देश दिया है कि वे अपने परिसरों से आवारा कुत्तों को हटाएँ।

इस आदेश के दायरे में अस्पताल, स्कूल, रेलवे स्टेशन, खेल परिसर और अन्य सार्वजनिक संस्थान शामिल हैं। यह निर्णय पिछले वर्ष सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद लिया गया है और इसका उद्देश्य इन सार्वजनिक स्थानों को, विशेष रूप से बच्चों, मरीजों और खिलाड़ियों के लिए, अधिक सुरक्षित बनाना है। मंत्रालयों को 30 जून 2026 तक यह प्रमाण प्रस्तुत करना होगा कि उन्होंने नए निर्देशों का पालन कर लिया है।

सरकार ने स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। परिसरों में आवारा कुत्तों के प्रवेश को रोकने के लिए बाड़ या चारदीवारी लगानी होगी। कचरा प्रबंधन में सुधार करना होगा, क्योंकि बचा हुआ भोजन और खुला कचरा अक्सर कुत्तों को आकर्षित करता है। प्रत्येक परिसर में एक नोडल अधिकारी के संपर्क विवरण प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा, ताकि परिसर में किसी आवारा कुत्ते के दिखाई देने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

अस्पतालों को पर्याप्त मात्रा में एंटी-रेबीज़ टीके उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूलों में बच्चों को कुत्तों से सुरक्षित रहने और आपात स्थिति में प्राथमिक उपचार के बारे में जागरूक करने के लिए विशेष सत्र आयोजित किए जाएँगे। रेलवे स्टेशनों और खेल परिसरों में आवारा कुत्तों की निगरानी के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी।

इन उपायों के लागू होने के बाद स्वास्थ्य मंत्रालय सभी मंत्रालयों से अनुपालन रिपोर्ट एकत्र करेगा और अगस्त तक एक समेकित रिपोर्ट तैयार कर न्यायालय में प्रस्तुत करेगा।

यह पहल पिछले वर्ष सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए कई आदेशों के बाद शुरू हुई। देशभर में कुत्तों के काटने की बढ़ती घटनाओं और विशेष रूप से बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंताओं के मद्देनज़र न्यायालय ने स्वतः संज्ञान लिया था।

अगस्त 2025 में न्यायालय ने सबसे पहले दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों से आवारा कुत्तों को हटाने का आदेश दिया था। पशु कल्याण संगठनों की आपत्तियों के बाद मामला बड़ी पीठ को सौंपा गया, जिसने बाद में इन निर्देशों को पूरे देश में लागू कर दिया।

नवंबर 2025 में सर्वोच्च न्यायालय ने स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों, खेल परिसरों, बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों जैसे ‘संस्थागत क्षेत्रों’ पर विशेष ध्यान देते हुए कहा कि इन स्थानों पर कुत्तों के काटने की बढ़ती घटनाएँ सार्वजनिक सुरक्षा और कचरा प्रबंधन की विफलता को दर्शाती हैं तथा इस पर तत्काल कार्रवाई आवश्यक है।

न्यायालय ने निर्देश दिया कि ऐसे परिसरों में पाए जाने वाले सभी आवारा कुत्तों को पकड़कर पशु जन्म नियंत्रण (ABC) नियमों के अनुसार नसबंदी और टीकाकरण किया जाए। हालांकि, उपचार के बाद उन्हें उसी परिसर में वापस नहीं छोड़ा जाएगा, बल्कि निर्धारित आश्रय-स्थलों में स्थानांतरित किया जाएगा।

साथ ही, भारतीय पशु कल्याण बोर्ड को इन निर्देशों के कार्यान्वयन के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करने और राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को अनुपालन संबंधी हलफ़नामे दाखिल करने का निर्देश भी दिया गया।

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