देहरादून/हरिद्वार
कांवड़ यात्रा के दृष्टिगत सेनानायक SDRF उत्तराखण्ड अर्पण यदुवंशी के निर्देशानुसार
हरिद्वार में SDRF की टीमें विभिन्न संवेदनशील घाटों एवं स्थलों पर 24×7 मुस्तैदी के साथ तैनात हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को तत्काल राहत एवं बचाव सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
इसी क्रम में बुधवार 29 जुलाई को कांगड़ा घाट पर तैनात SDRF टीम ने अपनी सतर्कता एवं त्वरित कार्रवाई से एक कांवड़िये का जीवन सुरक्षित बचा लिया।
रेस्क्यू किए गए कांवड़िये की पहचान मनीष (23 वर्ष), पुत्र ठाकुर, निवासी ग्राम सूरजकुंड, जनपद मेरठ (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई।
घटना के दौरान घाट पर ड्यूटी कर रही SDRF टीम की नजर गंगा नदी में डूब रहे कांवड़िये पर पड़ी। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए कांस्टेबल नितेश खेतवाल ने बिना एक पल गंवाए अपनी जान की परवाह किए बिना तत्काल गंगा नदी में छलांग लगा दी तथा अपने प्रशिक्षित रेस्क्यू कौशल का परिचय देते हुए डूब रहे कांवड़िये तक पहुँचकर उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया। टीम द्वारा तत्काल प्राथमिक उपचार प्रदान किया गया, जिसके उपरांत उसकी स्थिति सामान्य पाई गई।
उक्त रेस्क्यू अभियान को अपर उप निरीक्षक (ASI) पवेंद्र धस्माना, अपर उप निरीक्षक (ASI) आशिक अली, कांस्टेबल अजीत सिंह एवं कांस्टेबल नितेश खेतवाल द्वारा साहस, सूझबूझ एवं उत्कृष्ट टीमवर्क के साथ सफलतापूर्वक संपन्न किया गया।
इस सफल रेस्क्यू पर सेनानायक SDRF उत्तराखण्ड श्री अर्पण यदुवंशी ने पूरी टीम की तत्परता, साहस एवं कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की, उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा SDRF की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा सभी टीमें पूर्ण समर्पण, अनुशासन एवं सतर्कता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रही हैं।
उन्होंने समस्त कांवड़ यात्रियों एवं श्रद्धालुओं से अपील की कि वे गंगा में केवल निर्धारित एवं सुरक्षित घाटों पर ही स्नान करें, नदी के तेज बहाव एवं गहरे पानी में जाने से बचें तथा प्रशासन एवं ड्यूटी पर तैनात SDRF, पुलिस एवं अन्य सुरक्षा एजेंसियों द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करें। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल निकटतम सुरक्षा कर्मियों को सूचना दें, ताकि समय रहते आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
SDRF की त्वरित कार्रवाई से एक संभावित बड़ी दुर्घटना टल गई। मौके पर मौजूद श्रद्धालुओं एवं स्थानीय लोगों ने SDRF टीम की तत्परता, साहस एवं दक्षता की प्रशंसा की।
