देहरादून
किसान भवन, देहरादून में बुधवार को जैविक एवं प्राकृतिक खेती विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आत्मा (ATMA) परियोजना के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है।
मुख्य कृषि अधिकारी, उत्तरकाशी के निर्देशन में उत्तरकाशी जनपद के 40 किसानों को प्रशिक्षण के लिए किसान भवन, देहरादून भेजा गया है। प्रशिक्षण का उद्देश्य किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती की आधुनिक तकनीकों, कम लागत वाली कृषि पद्धतियों, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग तथा जैविक उत्पादों के उत्पादन एवं विपणन की जानकारी प्रदान करना है।
कार्यक्रम का शुभारंभ जैविक उत्पाद परिषद के प्रबंध निदेशक नवीन बर्फाल ने किया। इस अवसर पर उन्होंने किसानों से रासायनिक खेती पर निर्भरता कम कर जैविक एवं प्राकृतिक खेती को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जैविक खेती न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक है, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने और उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञ किसानों को जैविक खेती की विभिन्न तकनीकों, प्राकृतिक खेती के सिद्धांतों, जैविक इनपुट तैयार करने, फसल प्रबंधन तथा बाजार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध कराएंगे। तीन दिवसीय इस प्रशिक्षण के माध्यम से किसानों को व्यवहारिक एवं तकनीकी जानकारी देकर उन्हें अपने क्षेत्रों में जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

