रवाई जौनसार में इन दिनों चारो ओर ध्याणी मिलन समारोह में पहाड़ों की समृद्ध लोक संस्कृति की हो रही गूंज

देहरादून/नौगांव

उत्तराखंड की धरती और यहां के लोग हमेशा से लोक संस्कृति और परम्पराओं को आगे बढ़ाने और उनके संरक्षण में अग्रणी भूमिका में नजर आते हैं। यहां हर दिन त्यौहार हर दिन मेले हैं।

इन दिनों रवांई और जौनसार क्षेत्र में आयोजित किए जा रहे ध्याणी /रूईणी सम्मान समारोह लोक संस्कृति को नई पहचान देने का काम कर रहे हैं। इन आयोजनों के माध्यम से जहां वर्षों पुरानी परंपराएं और रीति-रिवाज नई पीढ़ी तक पहुंच रहे हैं, वहीं पारंपरिक खानपान, भेषभूषा, लोकगीत और लोक नृत्य के संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है। समारोहों में मायके पहुंचने वाली ध्याणियों के सम्मान के साथ आपसी प्रेम, भाईचारा और सामाजिक सौहार्द भी मजबूत हो रहा है।

मोरी विकासखंड के बढ़ासु पट्टी के ढाटमीर गांव में आयोजित ध्याणी मिलन समारोह में देव आस्था और लोक सांस्कृतिक विरासत का अनूठा संगम देखने को मिला। पारंपरिक वेशभूषा में सजी ध्याणियों, लोक रीति-रिवाजों और पारंपरिक खानपान ने समारोह को खास बना दिया। पहाड़ की हरित धरती पर पीतवर्णी पुष्पों के बीच पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं का दृश्य मनमोहक रहा।

ढाटमीर गांव में आयोजित समारोह में ग्रामीणों ने ध्याणियों का पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ स्वागत और सम्मान किया। इस दौरान गांव की लोक संस्कृति, पारंपरिक पहनावे और पहाड़ी व्यंजनों की झलक भी देखने को मिली। बुजुर्गों ने कहा कि ऐसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक जड़ों को मजबूत करने के साथ ही नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने का माध्यम बन रहे हैं।

बढ़ासु घाटी प्राकृतिक, सांस्कृतिक और पर्यटन की दृष्टि से भी बेहद समृद्ध है। क्षेत्र में हर की दून, स्वर्गारोहिणी, ब्लैक पीक और केदारकांठा जैसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थल स्थित हैं। यहां की प्राकृतिक सुंदरता के साथ समृद्ध लोक संस्कृति पर्यटकों को भी आकर्षित करती है।

ग्रामीणों के साथ तिलकचंद रमीला ने कहा कि ध्याणी मिलन जैसे आयोजन केवल उत्सव नहीं, बल्कि मायके और ससुराल के रिश्तों को मजबूत करने, सामाजिक एकता बढ़ाने और लोक विरासत को जीवंत रखने का पर्व हैं। ग्रामसभा ढाटमीर के जनप्रतिनिधियों, बुजुर्गों, दाने-स्याणों, युवाओं और मातृशक्ति ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग किया। ग्रामीणों ने सभी ध्याणियों और आयोजन में सहयोग करने वाले लोगों को शुभकामनाएं दी हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *