11 मामलों में पक्षकारों को आयोग अध्यक्ष संजय नेगी ने सुना,अधिकारियों को त्वरित एवं नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश

देहरादून

विभिन्न शिकायती प्रकरणों के त्वरित निस्तारण को लेकर उत्तराखंड अन्य पिछडा वर्ग आयोग के अध्यक्ष संजय नेगी ने मंगलवार को आयोग कार्यालय में सुनवाई की। इस दौरान हरिद्वार,देहरादून, ऊधमसिंहनगर, नैनीताल, टिहरी गढ़वाल और चमोली से संबंधित कुल 11 शिकायती प्रकरणों में संबंधित पक्षों को सुना गया। अध्यक्ष ने अधिकारियों को प्रकरणों में नियमानुसार कार्रवाई करते हुए पीड़ितों को समयबद्ध न्याय दिलाने के निर्देश दिए।

नन्दिनी गुंसाई, चंबा, टिहरी गढ़वाल के भूमि संबंधी प्रकरण में तहसीलदार विकासनगर, पुलिस विभाग के प्रतिनिधि और शिकायतकर्ता उपस्थित रहे। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अध्यक्ष ने प्रकरण के शीघ्र निस्तारण के लिए एमडीडीए के अधिकारियों को आगामी सुनवाई में उपस्थित होने के निर्देश दिए।

वहीं हरवंश लाल के भूमि संबंधी प्रकरण में शिकायतकर्ता और पुलिस विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। मामले की गंभीरता को देखते हुए अध्यक्ष ने दूरभाष पर थाना सितारगंज के प्रभारी को आवश्यक निर्देश देते हुए पीड़ित के साथ हो रहे अन्याय को संज्ञान में लेकर न्याय दिलाने को कहा।

दिनेश धनाई, टिहरी गढ़वाल के जाति प्रमाण पत्र संबंधी प्रकरण में शिकायतकर्ता द्वारा संबंधित अधिनियम, 2020 प्रस्तुत किया गया। अध्यक्ष ने दस्तावेजों का अवलोकन करते हुए तहसीलदार को प्रकरण का नियमानुसार परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

रेनू पाल के पड़ोसियों द्वारा उत्पीड़न संबंधी मामले में दोनों पक्षों को सुनने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, देहरादून को नियमानुसार उचित कार्रवाई करते हुए क्षेत्र में सौहार्दपूर्ण माहौल बनाए रखने के निर्देश दिए गए।

सतबीर सिंह, ऊधमसिंहनगर के बैंक ऋण लेने के बावजूद ट्रैक्टर प्राप्त न होने संबंधी प्रकरण में पुलिस एवं बैंक के प्रतिनिधि उपस्थित हुए। पुलिस विभाग के प्रतिनिधि द्वारा मामले में समुचित जानकारी प्रस्तुत न किए जाने पर अध्यक्ष ने नाराजगी व्यक्त की और एसएसपी ऊधमसिंहनगर को आगामी सुनवाई में भिज्ञ एवं सक्षम अधिकारी को भेजने के निर्देश दिए। आयोग के सदस्यों को भी जिलाधिकारी ऊधमसिंहनगर से मिलकर प्रकरण से अवगत कराने के निर्देश दिए गए। बैंक के प्रतिनिधि को भी मामले की आख्या आयोग को उपलब्ध कराने को कहा गया।

सतीश कुमार के नियुक्ति संबंधी प्रकरण में अध्यक्ष ने शिकायतकर्ता को प्रबंध निदेशक, उत्तराखण्ड वन विकास निगम के समक्ष अपना पक्ष तथ्यों सहित लिखित रूप में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रबंध निदेशक को शिकायतकर्ता को सुनवाई का अवसर प्रदान कर स्पष्ट आख्या आयोग को उपलब्ध कराने को कहा।

मुख्त्यार सिंह, वीरेन्द्र यादव और अब्दुल रूहेब से संबंधित शिकायती प्रकरणों का सुनवाई के दौरान ही निस्तारण किया गया।

सुनवाई के दौरान आयोग के उपाध्यक्ष श्याम डोभाल, सचिव गोरधन सिंह सहित आयोग के सदस्यगण एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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