देहरादून/नई दिल्ली
रामलीला मैदान में कांग्रेस और ‘INDIA’ गठबंधन की महारैली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर हल्ला बोल किया गया। कांग्रेस द्वारा महारैली में लाखों कार्यकताओं के भाग लेने का दावा किया गया है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और वोटर लिस्ट (SIR) में कथित गड़बड़ियों के विरोध में यह रैली आयोजित की गई थी। इस रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकाशार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी , प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष समेत INDIA गठबंधन के कई दिग्गज नेता मौजूद रहे।
बताते चलें कि रविवार को यह मार्च कनॉट प्लेस के मिंटो रोड जंक्शन से अजमेरी गेट होते हुए रामलीला मैदान तक पहुंचा था।

उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में AICC के आह्वान पर नई दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली में उत्तराखंड से हजारों कांग्रेसजनों एवं समर्थकों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने इस विशाल भागीदारी के लिए उत्तराखंड से दिल्ली पहुंचे सभी वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं एवं आम नागरिकों का आभार व्यक्त किया।
गणेश गोदियाल ने कहा कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे , लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी तथा इंडिया गठबंधन के संयुक्त नेतृत्व में आयोजित इस महारैली ने केंद्र की भाजपा सरकार को स्पष्ट संदेश दे दिया है कि देश की जनता अब उसकी जनविरोधी नीतियों और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने की राजनीति को बर्दाश्त नहीं करेगी।
उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार की गलत आर्थिक नीतियों के कारण महंगाई लगातार बढ़ रही है। पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है, वहीं दूसरी ओर अपने चहेते उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने और उनके कर्ज माफ करने का काम किया जा रहा है। भाजपा सरकार की नीतियों ने देश की अर्थव्यवस्था और आम जनता की आर्थिक स्थिति को गंभीर रूप से प्रभावित किया है।
गोदियाल ने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी एवं इंडिया गठबंधन के संयुक्त नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी लोकतंत्र, संविधान और आम जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष करती रहेगी। जब तक देश से भाजपा की जनविरोधी सरकार को सत्ता से हटाया नहीं जाता, तब तक कांग्रेस का संघर्ष सड़क से लेकर सदन तक जारी रहेगा।
उत्तराखंड की धामी सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में विपक्षी दल के नेताओं एवं कांग्रेस कार्यकर्ताओं को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। सरकार की इस दमनकारी कार्यशैली को कांग्रेस किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय और दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई की मांग आज भी उत्तराखंड की जनता के लिए एक बड़ा सवाल बनी हुई है। इस प्रकरण से जुड़े आरोपी दुष्यंत कुमार को राज्यपाल बनाए जाने के फैसले ने देवभूमि उत्तराखंड की जनता की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाई है।
उन्होंने प्रदेशवासियों का आह्वान किया कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की लड़ाई केवल कांग्रेस की नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड की अस्मिता और सम्मान की लड़ाई है। इसमें प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को आगे आकर अपनी आवाज बुलंद करनी चाहिए। गोदियाल ने कहा कि आज दिल्ली के रामलीला मैदान में उमड़ा जनसैलाब इस बात का प्रमाण है कि देश की जनता भाजपा सरकार की नीतियों से त्रस्त हो चुकी है और अब बदलाव चाहती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं की एकजुटता और जनता के समर्थन से लोकतंत्र एवं संविधान की रक्षा की लड़ाई निर्णायक मुकाम तक पहुंचेगी।

उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखंड से बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता दिल्ली महारैली में शामिल होने के लिए रवाना हुए थे, लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार के दबाव में पुलिस द्वारा हजारों कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रास्ते में रोका गया, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था और नागरिकों के शांतिपूर्ण राजनीतिक अधिकारों के विरुद्ध है। इस प्रकार की कार्रवाई लोकतंत्र की भावना के अनुकूल नहीं है।
अंत में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने दिल्ली महारैली को सफल बनाने में योगदान देने वाले उत्तराखंड के सभी वरिष्ठ नेताओं, जिला एवं महानगर कांग्रेस कमेटियों के अध्यक्षों, ब्लॉक अध्यक्षों, अग्रिम संगठनों, विभागों, प्रकोष्ठों तथा हजारों की संख्या में पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ताओं का हृदय से आभार व्यक्त किया।