जंगली हाथी ने दो लोगो पर अचानक किया हमला,हमले में दोनों की मौके पर ही हुई मौत,वन विभाग और पुलिस ने की जांच शुरू – Latest News Today, Breaking News, Uttarakhand News in Hindi

जंगली हाथी ने दो लोगो पर अचानक किया हमला,हमले में दोनों की मौके पर ही हुई मौत,वन विभाग और पुलिस ने की जांच शुरू

देहरादून/नैनीताल

नैनीताल जिले के लालकुआं क्षेत्र में घटी दुखद घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर के रख दिया है। लालकुआं कोतवाली के पीछे स्थित पहाड़ी खत्ता (पहाड़ी खट्टा) में टांडा रेंज के जंगल से निकले एक जंगली हाथी ने दो स्थानीय व्यक्तियों पर हमला कर दिया जिससे दोनों घायलों की मौके पर ही मौत हो गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार ये दुखद घटना साफ पटाने के पास हुई, जहां लोग रोजमर्रा के कामों में व्यस्त थे। हालांकि ख्याल मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

लालकुआं क्षेत्र तराई केंद्रीय वन प्रभाग के टांडा रेंज के अंतर्गत आता है, जो घने जंगलों और हाथियों के आवास के लिए जाना जाता है।

जानकारी के अनुसार हाथी जंगल से निकलकर बस्ती की ओर आया और अचानक सामने आए दो व्यक्तियों पर हमला के दिया। हमले की तीव्रता इतनी अधिक थी कि दोनों व्यक्ति बच नहीं सके। पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।

वन अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में हाथियों के झुंड अक्सर जंगल की सीमा लांघकर बस्तियों और खेतों में घुस आते हैं, जिससे फसल क्षति के साथ-साथ मानव जान की हानि भी होती रहती है।

लालकुआं के साथ ही हल्द्वानी और हल्दूचौड़ क्षेत्र में पिछले कई वर्षों से जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता नजर आ रहा है। हाथी फसलों को नुकसान पहुंचाने के साथ ही रिहायशी इलाकों, कॉलोनियों,हाईवे में भी घुसने की बात आम है।

हल्द्वानी-लालकुआं राष्ट्रीय राजमार्ग पर अक्सर हाथियों के झुंड दिखाई देते हैं, जिससे यातायात प्रभावित होता है जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

विशेषज्ञों की राय के अनुसार, जंगलों का सिकुड़ना, आवास क्षेत्र में मानवीय गतिविदीयां बढ़ना और खाद्य स्रोतों की कमी के कारण हाथी बस्तियों की ओर आकर्षित होते रहे हैं।

इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने वन विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। जिनमें प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा, हाथियों की रोक को सोलर फेंसिंग, ट्रेंच और अन्य बाधाओं का निर्माण, तथा जागरूकता कार्यक्रम शामिल हैं।

वन विभाग के अधिकारी मौके पर जांच में जुट गए हैं और हाथी के झुंड की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं और आश्वासन दिया है कि पेट्रोलिंग बढ़ाने के साथ ही मृतकों के परिजनों को शीघ्र मुआवजा प्रदान किया जाएगा।

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