उत्तरकाशी/देहरादून
चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर गंगोत्री और यमुनोत्री दोनों धाम के अंर्तगत 10 अप्रैल को व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी।
मॉक ड्रिल राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण भारत सरकार के दिशा निर्देशानुसार आयोजित होगी।
इस सम्बंध में उन्होंने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं चारधाम यात्रा से जुड़े जिलों के अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए प्रस्तुतिकरण के माध्यम से अधिकारियों के उत्तरदायित्वों के बारे में जानकारी साझा की। जिलाधिकारी प्रशान्त आर्य ने आईआरएस (इंसिडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम) से जुड़े अधिकारियों को सभी तैयारियां समयबद्ध एवं त्रुटिरहित सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में मॉक अभ्यास अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। इससे सभी विभागों की वास्तविक तैयारियों,संसाधनों की उपलब्धता तथा आपसी समन्वय की स्थिति का आकलन किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि अभ्यास के दौरान सामने आने वाली कमियों को समय रहते दूर करने का अवसर मिलता है, इसलिए सभी विभाग अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करें।
शासन के निर्देशानुसार 10 अप्रैल को मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी,जबकि 8 अप्रैल को टेबल टॉक के माध्यम से संबंधित अधिकारियों को विभिन्न परिदृश्यों की जानकारी दी जाएगी। मॉक ड्रिल के लिए यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम में दो – दो स्थानों का चयन किया गया है। जहां अलग-अलग आपदा परिदृश्यों का अभ्यास किया जाएगा। मॉक ड्रिल में विभागों की तत्परता, संसाधन प्रबंधन एवं समन्वय की प्रभावशीलता को परखा जाएगा।
बैठक में एडीएम मुक्ता मिश्र के साथ ही एसडीएम शालिनी नेगी,देवानन्द शर्मा,सीओ जनक पंवार,ईई विद्युत मनोज गुसाईं,एआरटीओ सुवर्णा नौटियाल,आपदा कोर्डिनेटर जय पंवार एवं सेना,आईटीबीपी, एसडीआरएफ सहित आईआरएस से जुड़े अन्य सम्बंधित अधिकारी उपस्थित रहे।