देहरादून
मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) में तत्कालीन सहायक अभियंता दिग्विजय नाथ तिवारी के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। तिवारी पर पहले एक व्यक्ति के कॉम्प्लेक्स को पार्किंग का नोटिस भेजकर पार्टनरशिप हासिल करने के साथ ही भवन को गिरवी रखवाने का भी आरोप है। आरोप है कि सहायक अभियंता ने भवन छुड़ाने के लिए 1.65 करोड़ रुपये की मांग की। कैंट पुलिस ने प्रकरण में सहायक अभियंता तिवारी समेत तीन व्यक्तियों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
कैंट पुलिस से प्राप्त जानकारी के मुताबिक राजेंद्र नगर निवासी अभय कुमार का सिरमौर मार्ग पर एक कॉम्प्लेक्स है। मई 2023 में एमडीडीए के तत्कालीन सहायक अभियंता (अब टिहरी में तैनात) दिग्विजय नाथ तिवारी उनके कॉम्प्लेक्स में आए और पार्किंग शर्तों के उल्लंघन का नोटिस जारी किया।
आरोप है कि अभय कुमार ने जब नोटिस का समाधान जानने के लिए तिवारी से बात की तो उन्होंने कहा कि वह उन्हें अपने काम मे पार्टनर बना लें और इसके बदले वह एमडीडीए की ओर से कोई कार्रवाई नहीं होने देंगे। सीलिंग की कार्रवाई के डर से अभय कुमार ने दिग्विजय नाथ तिवारी को पार्टनरशिप (फ्रेंचाइजी) दे दी।
इसके बाद सहायक अभियंता ने कहा कि उनके पास कुछ पैसे पड़े हैं। इन्हें जमीनों पर लगवा दो, जो भी फायदा होगा मुझको दे देना। एफआईआर के मुताबिक अभय कुमार ने दिग्विजय तिवारी के प्रभाव में आकर एक-दो जगह जमीन के सौदे करवाए, लेकिन वह सफल नहीं हुआ। सौदे के लिए तिवारी ने 12 लाख रुपये अभय कुमार को, जबकि 25 लाख रुपये किसी पायल नाम की युवती को नगद दिए थे।
जब सौदा तय नहीं हुआ तो दिग्विजय तीवारी पैसे वापस मांगने लगे। उस समय अभय के पास पैसे नहीं थे और उन्होंने रकम चुकता करने के लिए 6-7 माह का समय मांगा। तिवारी ने इस बात को अस्वीकार करते हुए कहा कि इस बात पर भरोसा तभी होगा, जब वह अपने घर का एग्रीमेंट उनके नाम करेंगे। कोई चारा न बचा देख अभय कुमार ने अपनी पत्नी को एग्रीमेंट के लिए भेजा।
इसके बाद ही दिग्विजय तिवारी ने अभय कुमार की पत्नी से उनके घर की गिफ्ट डीड अपने परिचित आदित्य सिंह के नाम करवा ली। जब अभय को इस बात की जानकारी हुई तो उन्होंने तिवारी से गिफ्ट डीड वापस करने को कहा। आरोप है कि डीड की वापसी के लिए दिग्विजय नाथ तिवारी ने 1 करोड़ 65 लाख रुपये की मांग की।
उन्होंने कहा कि यह धनराशि चुकाने के बाद ही डीड वापस मिलेगी। आरोप यह भी है कि इस मामले में तिवारी ने दबाव देकर एक समझौता लिखवा लिया था। जिसके संबंध में अभय कुमार की पत्नी ने 8 जनवरी 2024 को दून एसएसपी अजय सिंह को प्रार्थना पत्र भी दिया था। प्रार्थना पत्र पर आगे की कार्रवाई जानने के लिए अभय कुमार शाम लगभग 7.30 बजे में अपनी पत्नी के साथ पुलिस के पास जा रहे थे, लेकिन ओएनजीसी क्लब के पास ही दिग्विजय तिवारी व उनके साथ आए दो व्यक्तियों ने उनको रोक लिया। आरोप है कि उन्होंने पैसे लटाने की बात कहते हुए धमकी दी कि अगर पैसे वापस नहीं मिले तो हम तुम्हे व तुम्हारी पत्नी को कही का नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि हमारी पुलिस से भी बात हो चुकी है और तुम दोनों पति-पत्नी को जेल भेज देंगे। आरोप है कि अभय के विरोध करने के बाद आरोपियों ने उनकी पत्नी का हाथ पकड़कर उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया और खींचतान करने लगे। अभय कुमार ने इस पूरी घटना का जिक्र करते हुए जो तहरीर दी, उसके आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।