भारी बरसात के चलते पिछले ग्यारह दिनों से बंद है चमोली का जोशीमठ-मलारी मार्ग

देहरादून/चमोली

भारी बरसात के चलते पिछले ग्यारह दिनों से चमोली का जोशीमठ मलारी मार्ग पड़ा है।

लगातार हो रही बारिश के कारण उत्तराखंड के पहाड़ बेहाल हैं। भूस्खलन के कारण मार्ग बार-बार बाधित हो रहे हैं। चमोली का जोशीमठ-मलारी राजमार्ग तमाम कोशिशों के बावजूद नहीं खुल पाया। ग्यारह दिनों से यह मार्ग बंद है,मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर भी उड़ान नहीं भर पा रहा है। प्रदेशभर ‘में चार दर्जन से अधिक मार्गों पर आवाजाही ठप है। पहले सेे ही मौसम विभाग ने अगले तीन दिन प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी दी है।

 

मंगलवार को भी हेलीकाप्टर दिनभर उड़ान नहीं भर पाया चमोली में नीती घाटी के लिए हालांकि प्रशासन का दावा है कि पैदल मार्ग से एसडीआरएफ व एनडीआरएफ की मौजूदगी में ग्रामीणों की पैदल आवाजाही कराई जा रही है।

बीते दिन हेलीकाप्टर से नीती घाटी में एक फार्मेसिस्ट के साथ दवाएं भेजी गई हैं। मलारी हाईवें बंद होने के कारण भारत तिब्बत-चीन सीमा से लगे बांपा, गमशाली, नीती, फरकिया, कैलाशपुर, गुरगुटी, जुम्मा, कागा सहित दर्जनभर गांवों की आवाजाही नहीं हो पा रही है. . सेना व आइटीबीपी के वाहनों की आवाजाही भी ठप पड़ी हुई है।

कुमाऊं के पिथौरागढ़ जिले के तल्ला जोहार में नई बस्ती के पास थल-मुनस्यारी मार्ग ध्वस्त हो गया है,चीन सीमा का सड़क संपर्क भंग है और जिले में 15 मार्ग बंद हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि अगले तीन दिन देहरादून, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत, बागेश्वर, पिथौरागढ़ व ऊधमसिंह नगर में कहीं-कहीं तेज बौछार के साथ भारी बारिश हो सकती है । मौसम विभाग द्वारा  इसको लेकर आरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

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