देहरादून/उत्तरकाशी
जिलाधिकारी प्रशान्त आर्य ने गुरुवार को आपदा प्रभावित गांव धराली में आपदा से हुई क्षति के आंकलन, राहत एवं पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की। जिलाधिकारी ने धराली एवं हर्षिल क्षेत्र में चेनेलाइजेशन कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिशासी अभियंता सिंचाई को निर्देश देते हुए कहा कि चेनेलाइजेशन के कार्य इस माह के अंत तक शुरू कराए जाए। ईई द्वारा बताया गया कि चेनेलाइजेशन के कार्य हेतु टेंडर हो चुके है। टेंडर खुलने के बाद कार्य सम्भावित 25 जनवरी से शुरू करा लिया जाएगा। जिलाधिकारी ने ईई को धराली खीरगंगा,हर्षिल तेलगाड़ एवं भटवाड़ी में प्रस्तावित बाढ़ सुरक्षात्मक कार्यों के डिजाइनों के संबंध में आईआईटी पटना से समन्वय स्थापित कर प्रोजेक्ट को शीघ्र भारत सरकार को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खीरगंगा एवं हर्षिल तेलगाड़ में बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य बड़े प्रोजेक्ट हैं,जिन्हें प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाए।
जिलाधिकारी ने धराली–मुखबा को जोड़ने वाले क्षतिग्रस्त झूला पुल की डीपीआर एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही पैदल मार्ग एवं सुरक्षात्मक कार्यों की डीपीआर भी शीघ्र भेजने के निर्देश दिए।
आपदा प्रभावित लोगों की आजीविका संवर्धन पर जोर देते हुए जिलाधिकारी ने उनके उत्पादों के विक्रय हेतु कियोस्क तैयार करने के निर्देश दिए। तथा 67 परिवारों के स्वयं सहायता समूहों के आजीविका संवर्धन हेतु प्रति समूह तीन-तीन लाख रुपये की सहायता के लिए ओएमयू कार्य शीघ्र कराने के निर्देश परियोजना प्रबंधक रीप को दिए।
जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता, सिंचाई को निर्देश देते हुए कहा कि हर्षिल में बाढ़ सुरक्षात्मक कार्यों के साथ-साथ जीएमवीएन एवं लोक निर्माण विभाग के अतिथि गृहों को सड़क मार्ग से जोड़ने का प्रस्ताव भी तैयार करना सुनिश्चित करें। इससे पूर्व जिलाधिकारी ने नगर पालिका क्षेत्र अंतर्गत वार्ड संख्या तीन,आठ एवं नौ में जलभराव की समस्या के समाधान को लेकर संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में एडीएम मुक्ता मिश्र,एसडीएम शालिनी नेगी,ईई सिंचाई सचिन सिंघल,ईई लोनिवि रजनीश सैनी, ईई विद्युत मनोज गुसांई, ईओ शालिनी चित्राण सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
