देहरादून
पूर्व की भांति इस वर्ष भी सम्पूर्ण भारतवर्ष में “सडक सुरक्षा माह” का आयोजन किया जा रहा है। जनपद देहरादून में शुरू हुए 36 वे सडक सुरक्षा माह का आज दिनांक 16 जनवरी 2026 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून पुलिस लाइन देहरादून में विधिवत शुभारम्भ किया गया।
इस वर्ष सडक सुरक्षा माह की थीम “सडक सुरक्षा, जीवन रक्षा” रखी गई है, जिसका उद्देश्य आमजनमानस के मध्य सडक सुरक्षा को लेकर जागरूकता फैलाना तथा उन्हें सडकों पर नियमों का पालन करते हुए स्वंय तथा दूसरों के जीवन की रक्षा करने का संदेश देना है।
कार्यक्रम के दौरान अपने सम्बोधन में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा बताया गया कि भारत में सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मौतों की संख्या चिंताजनक रूप से बढ़ती जा रही है। वर्ष 2025 में भारत में घटित सडक दुर्घटनाओं में लगभग 29 हजार मौतें हेलमेट न पहनने के कारण हुई हैं, मृतकों में लगभग 66 प्रतिशत व्यक्ति 18 से 34 वर्ष की आयु वर्ग के थे। भारत में हर तीन मिनट में एक व्यक्ति सड़क दुर्घटना में अपनी जान गंवा रहा है, इसी प्रकार उत्तराखण्ड में भी सड़क दुर्घटना में प्रतिवर्ष वृद्धि हो रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, लगभग 90 प्रतिशत सड़क दुर्घटनाएं मानवीय लापरवाही के कारण होती हैं, जिनमें विशेषकर रैश ड्राइविंग, ओवरस्पीडिंग, गलत दिशा में वाहन चलाना, गलत तरीके से ओवरटेक करना, ओवरलोडिंग, और शराब पीकर गाड़ी चलाना प्रमुख कारण हैं।
सडक दुर्घटनाओं पर अंकुश हेतु दून पुलिस द्वारा वर्ष 2025 में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध व्यापक स्तर पर अभियान चलाया गया। वर्ष 2025 में पुलिस द्वारा नियमों का उल्लंघन करने वाले 205224 वाहन चालकों के विरूद्ध चालान की कार्यवाही की गई। जो वर्ष 2024 में किये गये 144844 चालानों की तुलना में लगभग 50 प्रतिशत अधिक है। वर्ष 2025 में पुलिस द्वारा ओवर स्पीडिंग में 8940, ड्रंक एण्ड ड्राइव में 5308, रैश ड्राइविंग में 2983 तथा ओवरलोडिंग में 1685 वाहन चालकों विरूद्ध कार्यवाही की गई, जबकि वर्ष 2024 में ओवर स्पीडिंग में 1914, ड्रंक एण्ड ड्राइव में 2383, रैश ड्राइविंग में 1564 तथा ओवरलोडिंग में 993 वाहन चालकों विरूद्ध कार्यवाही की गई थी। पुलिस द्वारा की गई कार्यवाही का असर सडक दुर्घटनाओं में आई कमी के रूप में परिलक्षित हुआ, जिसमें वर्ष 2024 की तुलना में वर्ष 2025 में सडक दुर्घटनाओं में हुई मौतों में 29 प्रतिशत की कमी आई।
जनपद पुलिस द्वारा लगातार अभियान चलाते हुए लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरुक किया जा रहा है जिसमें विशेषकर युवाओं पर फोकर करते हुए उन्हें जागरुक करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसके तहत युवाओं द्वारा यातायात नियमों के उल्लंघन पर पुलिस द्वारा कार्यवाही के दौरान उनके परिजनों को भी सूचित किया जा रहा था ताकि वे भी अपने बच्चों को यातायात नियमों का पालन किये जाने हेतु प्रेरित कर सकें।
पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से निकाली गयी जागरूकता रैली को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया गया। उक्त जागरुकता रैली पुलिस लाईन रेसकोर्स से नेगी तिराहा से दामिनी चौक होते हुए रेसकोर्स के चारों ओर से वापस पुलिस लाइन परेड ग्राउण्ड में आकर समाप्त हुई। रैली में मौजूद पुलिसकर्मियों द्वारा पोस्टर/बैनर व अन्य माध्यमों सें आम जन को यातायात नियमों के महत्व की जानकारी देते हुए उन्हें नियमों का पालन करने हेतु जागरूक किया। उक्त जागरुकता रैली में पुलिस अधीक्षक यातायात, क्षेत्राधिकारी यातायात के साथ-साथ अन्य अधिकारी/कर्मचारी व एनसीसी के कैडेट मौजूद रहे।
36 वां सड़क सुरक्षा माह-2026 इस वर्ष 16 जनवरी 2026 से 14 फरवरी 2026 तक मनाया जायेगा जिसके अन्तर्गत जनपद देहरादून पुलिस द्वारा उक्त अवधि के दौरान यातायात नियमों की जानकारी व जागरूकता हेतु निम्न कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे –
1- विभिन्न स्कूलों/विद्यालयों/उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्र/छात्राओं को कार्यशाला/लेक्चर के माध्यम से सड़क सुरक्षा के प्रति जागरुक करना।
2- छात्र-छात्राओं को mybharat-gov-in पोर्टल पर ऑनलाईन प्रतियोगिता में भाग लेने हेतु प्रोत्साहित करना।
3- सार्वजनिक स्थानों पर सड़क सुरक्षा जागरुकता सम्बन्धी बैनर/पोस्टर आदि का प्रदर्शन
4- ओवर स्पीड/बिना हेलमेट/तीन सवारी में वाहन चलाने वालों के विरुद्ध विशेष चैकिंग अभियान
5- व्यवसायिक वाहनो के चालकों का नेत्र परीक्षण
6- ऑनलाइन प्रतियोगिताएं (चित्रकला, निबन्ध, स्लोगन एवं वाद विवाद प्रतियोगिता)
7- भारी वाहनों, ट्रैक्टर ट्राली आदि में रिफ्लैक्टर/रिफ्लैक्टिव टेप न होने, खराब हैडलाईट के साथ वाहन का संचालन करने वाले चालकों के विरुद्ध विशेष चैकिंग अभियान
8- गुड समेरिटन के सम्बन्ध में जागरुकता
9- हिट एवं रन के सम्बन्ध में जागरुकता।