देहरादून/नई दिल्ली
देश के जाने-माने लेखक और अनुभवी पत्रकार मार्क टली का रविवार निधन हो गया। मार्क टली ने यहां एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। टली 90 साल के थे। उनके करीबी दोस्त ने यह जानकारी दी। टली कुछ समय से बीमार चल रहे थे और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में एडमिट किया गया था। वरिष्ठ पत्रकार और टली के करीबी दोस्त सतीश जैकब ने बताया कि मार्क का रविवार दोपहर मैक्स हॉस्पिटल साकेत में निधन हो गया। 24 अक्टूबर, 1935 को कलकत्ता (अब कोलकाता) में जन्मे टली 22 सालों तक BBC, नई दिल्ली के ब्यूरो चीफ थे।
टली का बचपन भारत में ही बीता। उनके बिजनेसमैन पिताजी ने दार्जिलिंग के एक ब्रिटिश स्कूल में उनका एडमिशन करवा दिया था। टली को उस समय इंग्लैंड पसंद नहीं था क्योंकि उस समय वहां खाने की राशनिंग होती थी। 9 साल का होने पर उनके माता-पिता ने उन्हें इंग्लैंड के एक बोर्डिंग स्कूल में डाल दिया था। BBC ने उन्हें 1965 में भारत आने का मौका दिया। ऐसे में वह बीस साल बाद भारत लौटे। 1965 में भारत आने के बाद वह सिर्फ दो बार लंदन गए। एक बार BBC ने उन्हें 1969-71 में लंदन भेजा और दूसरी बार इमरजेंसी के समय वह लंदन गए थे।
पद्म भूषण से किया था सम्मानित
एक जाने-माने लेखक होने के साथ-साथ, टली BBC रेडियो 4 के कार्यक्रम ‘समथिंग अंडरस्टुड’ के प्रेजेंटर भी थे। उन्हें 2002 में नाइट की उपाधि मिली और 2005 में भारत सरकार से पद्म भूषण मिला। टली ने भारत पर कई किताबें लिखी हैं, जिनमें ‘नो फुल स्टॉप्स इन इंडिया’, ‘इंडिया इन स्लो मोशन’ और ‘द हार्ट ऑफ इंडिया’ शामिल हैं।
