उत्तरकाशी/बड़कोट
उत्तराखंड के सीमांत किले उत्तरकाशी के बड़कोट तहसील क्षेत्र के अंतर्गत स्थित ग्राम पौन्टी में ग्रामीणों द्वारा पहली बार तीन दिवसीय ध्याणी मिलन व सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें गांव की सैकड़ों ध्याणियों (गांव की विवाहित बेटियों)ने श्रद्धा के साथ उत्साह पूर्वक प्रतिभाग करते हुए माँ भद्रकाली को एक सौ आठ मुंगो से निर्मित सोने का हार व प्रतिमा भेंट की गई।
तीन दिवसीय ध्याणी मिलन व सम्मान समारोह के प्रथम दिन पौंटी गांव में भद्रकाली मंदिर में मां भद्रकाली की देव डोली मंदिर के गर्भगृह से बाहर आई। और रात्रि को भजन संध्या का आयोजन किया गया है। भजन संध्या में रामस्वरूप थपलियाल व साथियों ने उपस्थित लोगों को माता रानी के भजनों पर झूमने को मजबूर किया।
जबकि समारोह के दूसरे दिन पौंटी गांव में भद्रकाली मंदिर परिसर में सभी ध्याणी इकट्ठी हुई और झमाझम बारिश के बीच सैकड़ों की तादाद में ध्याणियों की ओर से पौन्टी पुल तक भव्य कलश यात्रा निकाली गई। यह यात्रा पौंटी गांव से होते हुए पैदल बिरालखोप स्थित यमुना जी का जल भर कर वापस पौंटी भद्रकाली मंदिर में पहुंची जहां ग्रामीणों द्वारा ध्याणियों के क्लश यात्रा का भव्य स्वागत किया है। मंदिर परिसर में ध्याणियों के द्वारा माँ भद्रकाली की डोली के साथ रंवाई का पारम्परिक तांदी नृत्य किया गया।
साथ ही रात्री को विभिन्न सांस्कृति संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें सुंदर प्रेमी एन्ड पार्टी ने आकर्षक प्रस्तुतिया दी। वहीं पौंटी गांव की ध्याणियों की ओर से बाहर गांव से आ रहे अतिथियों का स्वागत सत्कार किया गया।
ध्याणी मिलन व सम्मान समारोह के अंतिम दिन माँ भद्रकाली की पूजा अर्चना के बाद पौन्टी ग्राम वासियों ने ध्याणियों को स्मिर्ति चिन्ह देकर सम्मानित किया, तथा भंडारे का आयोजन भी किया गया।
इस मौके पर हजारों लोग उपस्थित थे।
