देहरादून
नन्ही दुनिया में होली उत्सव अत्यंत हर्षोल्लास, सादगी और सृजनात्मकता के साथ मनाया गया। प्राकृतिक, रचनात्मक और सरल तरीकों से पर्व मनाने की परंपरा ने सभी अतिथियों को आनंदित कर दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि आशा पैनोली (शिक्षाविद्), आभा मेनन (सामाजिक कार्यकर्ता), आलोक उल्फत और मुख्य प्रवर्तक किरण गोयल द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद बच्चों द्वारा पारंपरिक तिलक समारोह किया गया, जिसने उत्सव को एक गरिमामय और शुभ शुरुआत दी।
कार्यक्रम का परिचय दीक्षा और तनुजा द्वारा खूबसूरती से प्रस्तुत किया गया, जबकि कार्यक्रम का संचालन कविता कक्कड़ द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया।
इसके पश्चात बच्चों ने पारंपरिक तिलक समारोह संपन्न किया। रंगों और संगीत के सुंदर समन्वय के साथ युवा कलाकारों ने आकर्षक अमूर्त चित्रकारी प्रस्तुत की।
नन्ही दुनिया को सात्विका गोयल एवं प्रतिभाशाली बाल कलाकार रोहित, अविनाश, अखिल और दीक्षा ने प्राकृतिक हस्तनिर्मित सजावट से कलात्मक रूप से सुसज्जित किया, जिससे संपूर्ण परिसर में विशिष्ट और जीवंत वातावरण निर्मित हुआ। बच्चों ने उत्साहपूर्वक नृत्य-नाटिका ‘नटखट की लीला’ प्रस्तुत कर वातावरण को रंग और उल्लास से भर दिया। 5 से 7 वर्ष आयु वर्ग के नन्हे कलाकारों द्वारा प्रस्तुत ‘होली खेलत संग कन्हैया’ पर आधारित मनमोहक नृत्य को सभी ने सराहा।पारंपरिक लोकगीत “डाल गयो रे मोपे रंग” पर आधारित प्रस्तुति तथा ‘रंगशाला’ के कलाकारों द्वारा वृंदावन में श्रीकृष्ण के जीवन पर आधारित नृत्य-नाटिका ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मनोरंजक एवं हास्यप्रधान नृत्य-नाटिका ‘ढोलकपुर का मेला’ ने कार्यक्रम में आनंद और ऊर्जा का संचार किया। श्री आलोक उल्फत के निर्देशन में प्रस्तुत विशेष प्रस्तुति ‘रंगीला’ में बच्चों ने आत्मविश्वास, स्वतंत्रता और प्रभावशाली अभिव्यक्ति का परिचय दिया, जिसे दर्शकों ने अत्यंत सराहा। कार्यक्रम के यादगार क्षणों में से एक विशेष गरबा एवं सामूहिक नृत्य प्रस्तुति रही, जिसमें विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की सहभागिता ने समारोह को और भी प्रेरणादायक बना दिया। अतिथियों ने स्वयं को इस उत्सव का भागीदार बनकर सौभाग्यशाली बताया तथा नन्ही दुनिया परिवार को संस्कृति एवं परंपराओं के संरक्षण हेतु किए जा रहे प्रयासों के लिए बधाई दी।
नन्ही दुनिया की मुख्य प्रवर्तक किरण यू. गोयल ने सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा”हम सामाजिक सेवा को समर्पित 80 वर्षों की प्रतिबद्धता और आनंद का उत्सव मना रहे हैं। असंख्य लोगों के सहयोग और शुभकामनाओं से हम निरंतर आगे बढ़ रहे हैं।”मुख्य अतिथि डॉ. शरद सिंह नेगी (सेवानिवृत्त भारतीय विदेश सेवा अधिकारी) तथा विशिष्ट अतिथि सुश्री जया बलोनी (पुलिस अधीक्षक) ने बाल कलाकारों के उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि संस्कृति के संरक्षण और सेवा के लिए यह आंदोलन सराहनीय है।
कार्यक्रम का सफल संचालन कविता द्वारा किया गया। अंत में अतिथियों ने प्राकृतिक रंगों से होली खेली तथा कजरी और पारंपरिक लोकगीतों पर आनंदपूर्वक नृत्य किया।
