देहरादून
सहकारी बाजार की जमीन को पूर्व में सहकारिता माफिया रहे जिन्होंने जिला सहकारी बैंक को खादी व खुकरी निर्माण समितियां के नाम पर लोन लेकर करोडों का चूना लगाया था। वर्षों बाद फिर से सक्रिय हो गए हैं उनको लाभ पहुंचाने के लिए सहकारी बाजार की करोड़ों की मूल्यवान जमीन को खुर्द बुद्ध करने की तैयारी चल रही है।
इस कड़ी में क्रय विक्रय वह जिला उपभोक्ता भंडार और जिला सहकारी संघ में सदस्यता शुल्क की कई गुना बढ़ाने की योजना बनाई गई है।
बताया गया कि इस कड़ी में उक्त सहकारी माफिया जिनके विरुद्ध नोएडा उत्तर प्रदेश मे धारा 420 ठगी के मुकदमे विचाराधीन है द्वारा उक्त समितियां के प्रबंधन को चुनाव के माध्यम से हथियाने के लिए सैकड़ो की संख्या में सदस्य बनाने का प्रयास किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत जिला उपभोक्ता भंडार लिमिटेड, जिला सहकारी संघ और क्रय विक्रय समितियां के प्रबंधन को आम जनता की पहुंच से दूर रखने के लिए सदस्यता शुल्क व अंशदान को बढ़ाने की भी योजना है।
उन्होंने कहा कि यहां यह स्पष्ट करना है कि इस संबंध में उत्तराखंड सहकारी समिति अधिनियम 2003 नियमावली व समिति की उपविधियो में उल्लेखित प्रावधानों का पालन नहीं किया जा रहा है क्योंकि उप समितियां के चुनाव को 7 वर्ष से ऊपर हो चुके हैं समितियां में निर्वाचिन प्रबंध कमेटी विद्यमान नहीं है सभी समितियों में सरकारी प्रशासन नियुक्त है।
इस संबंध में दून कोऑपरेटिव स्टोर लिमिटेड के पूर्व अध्यक्ष विरेंद्र पोखरियाल ने बताया है की सचिव सहकारिता को हम इस प्रकरण के संबंध में आज एक ज्ञापन दिया हैं और मांग की की सदस्यता शुल्क वह अंश धन बढ़ाए जाने संबंधी निबंधन के आदेश को जब तक समितियां के निर्वाचन प्रबंधन कमेटी कार्य भार ग्रहण न करती तब तक स्थगित किया जाए, पोखरियाल ने चेतावनी दी कि अगर सरकारी बाजार की जमीन खुर्द बुर्द की तो कांग्रेस इस पर भारी विरोध करेगी।
प्रतिनिधिमंडल में पूर्व विधायक , पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा, डीएवी कॉलेज के पूर्व अध्यक्ष महिपाल शाह, इफको के पूर्व निदेशक मानवेंद्र सिंह, सहकारी बाजार के पूर्व निदेशक संजय कटियार आदि लोग मौजूद रहे।
