देहरादून
आबादी मैदानों के साथ ही पहाड़ों पर भी बढ़ी है जो जंगलों के करीब जा पहुंचा है। आबादी क्षेत्र के फैलाव के कारण जंगली जानवरों का दखल भी लगातार बढ़ ही रहा है। जिसकी वजह से जंगली जानवरों के रिहायशी इलाकों में मानव और पालतू जानवरों पर अटैक की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार को रुद्रप्रयाग के जखोली और नैनीताल के भुजियाघाट क्षेत्र में गुलदार ने दो महिलाओं पर घातक हमला किया जिसमें दोनों महिलाओं की मौत हो गई है।
नैनीताल वन प्रभाग के मनोरा रेंज में भुजियाघाट गांव मे घात लगाकर बैठे गुलदार ने महिला पर हमला कर मार डाला।
घटना शनिवार देर रात को घटी घटना के बाद गाँव मे दहशत का माहौल है। मोरा गांव निवासी पुष्पा देवी घर से बाहर निकली ही थी कि पहले से घात लगाए बैठे गुलदार ने उस पर हमला कर डाला। गुलदार महिला को जबड़े में दबाकर जंगल की ओर भागा तभी शोर सुनकर परिजन व आसपास के लोग बाहर निकल आए और शोर मचा दिया। शोर सुनकर गुलदार महिला को छोड़कर जंगल की ओर भाग गया। गंभीर हालत में महिला को एसटीएच लाया गया जहां डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
वन रेंजर मुकुल शर्मा ने बताया कि घटना के बाद क्षेत्र में गश्त बढ़ाकर पिंजरा लगाने की तैयारी की जा रही है। वहीं हल्द्वानी में शव का पोस्टमार्टम किया गया।
दूसरी तरफ रुद्रप्रयाग मे भी गुलदार ने महिला को निवाला बना दिया।
विकासखंड जखोली के जयंती गांव में एक महिला रूपा देवी (59) पत्नी रमेश थपलियाल को गुलदार ने घाट लगाकर मार डाला।
शनिवार को देर शाम लगभग 6 बजे के करीब जयंती गांव में रूपा देवी अपने घर के बाहर खेत में काम कर रही थी। घात लगाए गुलदार ने महिला पर अचानक जानलेवा हमला कर दिया। जिससे महिला की जान चली गई।
यहां उल्लेखनीय है कि विकासखंड जखोली में पिछले साल भर से गुलदार का आतंक बना हुआ है। पूर्व में गुलदार ने देवल गांव की एक महिला को अपना निवाला बनाया था। इसके अलावा गुलदार चार अन्य महिलाओं पर भी जानलेवा हमला कर चुका है। स्थानीय लोगों में वन विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश बना हुआ है। क्षेत्र पंचायत सदस्य भूपेंद्र भंडारी ने कहा है कि लम्बे समय से जखोली क्षेत्र में गुलदार का आतंक बना हुआ है। वन विभाग से क्षेत्र में दहशत बने गुलदार को पकड़ने की मांग की जा रही है, लेकिन वन विभाग के अधिकारी नहीं सुन रहे हैं। जिसको लेकर लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है।