देहरादून
काशीपुर के पैगा निवासी किसान सुखवंत सिंह ने बीते दिनों हल्द्वानी के गौलापार स्थित एक होटल में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या से पहले सुखवंत ने करीब 26-27 लोगों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराते हुए फेसबुक पर लाइव पोस्ट किया था। उसके बाद सुखवंत ने खुद को गोली मार इतिश्री कर ली थी। इस घटना से हंगामा मचा हुआ है।
इस मामले में एसएसपी ने आईटीआई कोतवाली प्रभारी और एसआई को सस्पेंड कर दिया था। साथ ही पैगा चौकी प्रभारी सहित पूरी पुलिस टीम को लाइन हाजिर कर दिया था। मृतक के भाई की तहरीर पर 26 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया था।
मामले की जांच एसआईटी को सौंप दी गई है। बुधवार को एसआईटी ने आरोपियों के ठिकानों पर दबिश दी लेकिन उनका कोई सुराग नहीं लग पाया था।
इधर, एएसपी स्वप्न किशोर सिंह के मुताबिक मृतक किसान सुखवंत सिंह के परिजनों की सुरक्षा के लिए एक कांस्टेबल और एक होमगार्ड को घर पर तैनात किया गया है। इसके अलावा परिवार की जो आवश्यकता होगी, उसके अनुरूप सुरक्षा बढ़ा दी जाएगी। साथ ही चीता मोबाइल को नियमित रूप से उस क्षेत्र में गश्त करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार का आवास से पैगा चौकी दूर नहीं है। यदि पीड़ित परिवार को किसी भी प्रकार की दिक्कत होती है तो वह चौकी में पहुंचकर बता सकते हैं।
सोशल मीडिया पर मृतक सुखवंत सिंह का वीडियो वायरल होते ही सभी नामजद आरोपी भूमिगत हो चुके हैं ।
हालांकि बुधवार को एसआईटी मृतक के घर भी पहुंची और परिजनों से पूछताछ कर आवश्यक जानकारियां जुटाईं। बताया जा रहा है कि एसआईटी की चार टीमें उत्तराखंड के साथ-साथ सीमावर्ती यूपी के कई जिलों में लगातार दबिश दे रही हैं। एसपी क्राइम एसआईटी प्रभारी निहारिका तोमर के मुताबिक आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार टीमें बनाई गई हैं। साथ ही एक टेक्निकल टीम भी गठित की गई है, जो सीसीटीवी फुटेज और आरोपियों के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल का विश्लेषण कर रही है।
एसआईटी को चार टीमों में बांटा गया है। इनमें दो गिरफ्तारी टीमें, एक तकनीकी टीम और एक सर्विलांस टीम भी शामिल है। सभी टीमों ने अपने-अपने स्तर से जांच शुरू कर दी है। प्रकरण में मृतक सुखवंत सिंह की सीडीआर खंगाली जा रही है। एसआईटी प्रभारी एसपी क्राइम निहारिका तोमर के मुताबिक अलग-अलग स्तर पर जांच की जिम्मेदारी सौंपी है। वहीं, पूरी जांच की प्रतिदिन मॉनिटरिंग स्वयं उनके द्वारा की जा रही है।